मुजफ्फरनगर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित बताई जा रही करीब 119 साल पुरानी मस्जिद को लेकर समाजवादी पार्टी ने अब राजनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रविवार, 6 सितंबर 2026 को सहारनपुर पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल में मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पदाधिकारी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर मंडलायुक्त से मुलाकात करेगा और मस्जिद से जुड़े पूरे प्रकरण तथा प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी हासिल करेगा।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से 5 सितंबर को जारी कार्यालय-ज्ञाप में प्रतिनिधिमंडल के सहारनपुर दौरे की जानकारी दी गई है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि प्रतिनिधिमंडल घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत करेगा। इसके बाद पूरी जानकारी के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कार्यालय को सौंपी जाएगी।

सपा के कार्यालय-ज्ञाप में आरोप लगाया गया है कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित करीब 119 वर्ष पुरानी मस्जिद को 5 सितंबर की सुबह अंधेरे में बुलडोजर से गिरा दिया गया। पार्टी की ओर से यह भी दावा किया गया है कि इससे एक दिन पहले 4 सितंबर की शाम जिला प्रशासन की ओर से मस्जिद को सील किए जाने का आश्वासन दिया गया था और उसे गिराए जाने की बात नहीं कही गई थी।
इसी घटनाक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रतिनिधिमंडल को मौके पर भेजने का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी लेगा और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को समझने का प्रयास करेगा।
मंडलायुक्त से मुलाकात कर जुटाई जाएगी जानकारी
सपा प्रतिनिधिमंडल के सहारनपुर पहुंचने के बाद सबसे पहले मंडलायुक्त से मुलाकात की जाएगी। इस दौरान मस्जिद से संबंधित प्रकरण, प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई, पूर्व में दिए गए आश्वासन और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम को लेकर जानकारी हासिल की जाएगी।
पार्टी नेतृत्व के अनुसार प्रतिनिधिमंडल केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित न रहकर प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले के तथ्यों की जानकारी लेगा। अधिकारियों से बातचीत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। यह रिपोर्ट बाद में प्रदेश कार्यालय के माध्यम से पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखी जाएगी।
हरेंद्र मलिक समेत 16 नेता प्रतिनिधिमंडल में शामिल
सहारनपुर भेजे जा रहे 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक के अलावा विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, सहारनपुर जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद, सहारनपुर महानगर अध्यक्ष हाजी नवाब अंसारी, सांसद इकरा हसन, सपा राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसेन, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, विधायक अतुल प्रधान, विधायक आशु मलिक, विधायक उमर अली, विधायक रामऔतार सैनी, एमएलसी किरन पाल कश्यप, पूर्व विधायक माविया अली, समाजवादी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल भारती, पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप और मुजफ्फरनगर सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी शामिल हैं।
इन वरिष्ठ नेताओं के एक साथ सहारनपुर पहुंचने से मस्जिद प्रकरण को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। खास तौर पर मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक समेत कई सांसदों और विधायकों की मौजूदगी के कारण प्रतिनिधिमंडल के दौरे को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्ट के बाद तय हो सकती है आगे की रणनीति
समाजवादी पार्टी की ओर से फिलहाल प्रतिनिधिमंडल को सहारनपुर भेजकर घटनाक्रम की जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात और मौके से जुटाई गई जानकारी के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट को पार्टी नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय में पहुंचने के बाद सपा इस मामले को लेकर अपनी आगे की रणनीति तय कर सकती है। फिलहाल पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं की टीम को सहारनपुर भेजकर प्रशासनिक कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने का फैसला किया है। रविवार को होने वाला यह दौरा सहारनपुर के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

