मुजफ्फरनगर। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को ग्रामीण समाज विकास केंद्र एवं Just Rights for Children (JRC) परियोजना के अंतर्गत शिक्षक सम्मान एवं बाल अधिकार जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री हरिकेश यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), मुजफ्फरनगर की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में शिक्षकों के सम्मान के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, बाल अधिकार, बाल संरक्षण तथा बाल विवाह उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम में ग्रामीण समाज विकास केंद्र की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर श्री Jomon Joy, जिला कोऑर्डिनेटर श्री राहुल सिंह एवं सीएसडब्ल्यू श्री गौरव कुमार उपस्थित रहे। सभी ने शिक्षक दिवस के महत्व और समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।

उत्कृष्ट शिक्षकों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को सराहते हुए उन्हें प्रशस्ति-पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक श्री हरिकेश यादव ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।
बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण पर साझा की गई जानकारी
कार्यक्रम में Just Rights for Children (JRC) परियोजना एवं ग्रामीण समाज विकास केंद्र द्वारा बाल अधिकार और बाल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की गई। बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, बाल श्रम, बाल शोषण, बाल विवाह जैसी कुरीतियों की रोकथाम तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में विद्यालयों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई।
शिक्षकों से कहा गया कि वे बच्चों की समस्याओं को समय रहते पहचानें और किसी भी प्रकार के अधिकारों के उल्लंघन की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाने में सहयोग करें।
27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन दिवस बनने की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को एक महत्वपूर्ण वैश्विक उपलब्धि की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि 27 नवंबर को “International Day for the Elimination of Child, Early and Forced Marriage” के रूप में स्थापित किया गया है। यह बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एक ऐतिहासिक पहल है।
कार्यक्रम में बताया गया कि इस उपलब्धि के पीछे भारत से उठी सामूहिक आवाज और Just Rights for Children अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शिक्षकों को बताया गया कि यह केवल एक अंतरराष्ट्रीय दिवस नहीं, बल्कि बाल विवाह मुक्त दुनिया बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भारत ने दिखाई राह, 5.5 लाख से अधिक बाल विवाह रोकने का साझा प्रयास
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि Just Rights for Children और उसके सहयोगी संगठनों ने देशभर में बाल विवाह रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया है। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से भारत में 5 लाख 50 हजार से अधिक बाल विवाहों को रोकने और टालने में सफलता मिली है। वक्ताओं ने कहा कि यह उपलब्धि समाज, प्रशासन, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
बच्चों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपने भविष्य के बारे में निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए। शिक्षकों से आह्वान किया गया कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ विद्यालय स्तर पर जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मिलकर काम करने की व्यक्त की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों और शिक्षकों ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा, बाल संरक्षण को मजबूत करने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, बाल विवाह उन्मूलन और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना रहा।

