मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित टिप्पणी वाला होर्डिंग लगाए जाने को लेकर बुधवार को मुजफ्फरनगर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। विवादित होर्डिंग की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेता गौरव जैन के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कथित विवादित होर्डिंग को फाड़ दिया।

सपा कार्यकर्ताओं ने इस तरह की भाषा और प्रचार पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।

होर्डिंग को लेकर मचा राजनीतिक बवाल
जानकारी के अनुसार बुधवार को मुजफ्फरनगर में भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों द्वारा कथित तौर पर एक होर्डिंग लगाया गया था। सपा नेताओं का आरोप है कि इस होर्डिंग में अखिलेश यादव को लेकर अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।
होर्डिंग की जानकारी समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं तक पहुंचते ही उनमें आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचने लगे। सपा नेता गौरव जैन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गुस्साए कार्यकर्ताओं ने फाड़ा होर्डिंग
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने विवादित होर्डिंग को अपने हाथों से फाड़ दिया और इसके जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। काफी देर तक मौके पर राजनीतिक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और वैचारिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी राजनीतिक नेता के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।
गौरव जैन बोले, नफरत फैलाने वाला प्रचार बर्दाश्त नहीं
प्रदर्शन के दौरान सपा नेता गौरव जैन ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग, समाज या व्यक्ति के खिलाफ नफरत फैलाने वाले प्रचार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरव जैन ने आरोप लगाया कि सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ कथित तौर पर किया जा रहा अनर्गल प्रचार एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन विरोध के नाम पर भाषा की मर्यादा को तोड़ना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
प्रशासन से विवादित होर्डिंग लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग
सपा नेता ने स्थानीय प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले होर्डिंग और पोस्टरों की निगरानी होनी चाहिए। यदि किसी सामग्री से सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका हो तो प्रशासन को तत्काल उसका संज्ञान लेना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि नियमों का उल्लंघन कर इस तरह के कथित भड़काऊ या आपत्तिजनक होर्डिंग लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन में कई सपा नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष सलमान त्यागी भी शामिल रहे। उनके साथ सागर कश्यप, शमी खान, जीशान अल्वी और राजा कुरैशी समेत कई सपा कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे। बड़ी संख्या में अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध और आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और आपत्तिजनक भाषा के जरिए किसी नेता को निशाना बनाना उचित नहीं है।
राजनीतिक विरोध में मर्यादा बनाए रखने की अपील
प्रदर्शन में शामिल सपा नेताओं ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है। जनता के मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच बहस भी लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रचार का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करते रहेंगे।
होर्डिंग विवाद से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
अखिलेश यादव को लेकर लगाए गए कथित विवादित होर्डिंग के बाद मुजफ्फरनगर का स्थानीय राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और होर्डिंग फाड़े जाने के बाद अब प्रशासन की भूमिका पर भी निगाहें टिक गई हैं। फिलहाल विवादित होर्डिंग किसने लगाया और उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई हुई है या नहीं, इस संबंध में पुलिस-प्रशासन की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है।

