मोरना, मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के ग्राम तिस्सा में 28 वर्षीय युवक अंकुल कटारिया का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन भोपा थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अंकुल की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई, बल्कि साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है।

परिजनों ने पुलिस से मामले में नामजद मुकदमा दर्ज करने, संदिग्ध लोगों से पूछताछ करने और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को मामले की निष्पक्ष जांच और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

आटा चक्की के लिए घर से निकला था अंकुल
मृतक के पिता धीरसिंह कटारिया के अनुसार उनका 28 वर्षीय पुत्र अंकुल कटारिया बीते गुरुवार को घर से गेहूं पिसाने के लिए आटा चक्की पर गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि वह कुछ समय बाद वापस घर लौट आएगा, लेकिन काफी देर बीतने के बाद भी अंकुल घर नहीं पहुंचा।
परिजनों ने पहले अपने स्तर से उसकी तलाश शुरू की। आसपास के संभावित स्थानों के अलावा रिश्तेदारों और परिचितों से भी जानकारी ली गई, लेकिन अंकुल का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने भोपा थाने पहुंचकर युवक की गुमशुदगी दर्ज कराई।
शनिवार को खेत की नाली में मिला शव
अंकुल की तलाश के बीच शनिवार सुबह गांव के तेवड़ा मार्ग स्थित किसान मलखान सैनी के खेत की नाली में उसका शव पड़ा मिला। शव संदिग्ध और क्षतविक्षत हालत में मिलने की सूचना फैलते ही गांव में सनसनी मच गई।
परिजनों को जैसे ही अंकुल का शव मिलने की जानकारी मिली, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
चाचा ने पुलिस के सामने रखी हत्या की आशंका
सोमवार को भोपा थाने पहुंचे मृतक के चाचा आजादवीर सिंह ने पुलिस के सामने मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एक गले की चेन बरामद हुई है। परिजनों का दावा है कि यह चेन गांव के ही एक संदिग्ध युवक की है।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि उन्हें आशंका है कि एक युवक ने कथित रूप से साजिश के तहत अंकुल को अपने पास बुलाया और उसे अपने साथ ले गया। इसके बाद अपने एक साथी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर शव को खेत की नाली में फेंकने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
हत्या की आशंका को लेकर थाने पहुंचे ग्रामीण
सोमवार को बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं भोपा थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अंकुल की मौत की परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं और मामले की गहराई से जांच किए जाने की जरूरत है।
ग्रामीणों ने मांग की कि घटनास्थल से मिले सामान और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच कराई जाए। साथ ही जिन लोगों पर परिजनों को संदेह है, उनसे पूछताछ कर मामले की सच्चाई सामने लाई जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
परिजनों ने नामजद मुकदमे और गिरफ्तारी की मांग उठाई
अंकुल के परिजनों का कहना है कि वह घर से सामान्य रूप से निकला था और उसके बाद जिस तरह उसका शव मिला, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। परिवार ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए नामजद मुकदमा दर्ज करने और संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
परिजनों ने कहा कि उन्हें पुलिस की जांच पर भरोसा है, लेकिन जांच निष्पक्ष और हर पहलू को ध्यान में रखकर होनी चाहिए। उनका कहना है कि अंकुल की मौत का वास्तविक कारण सामने आना बेहद जरूरी है।
पुलिस ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने उनकी बात सुनी और मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस घटनास्थल से मिले सामान और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
गांव में गम और आक्रोश का माहौल
युवक की मौत के बाद से तिस्सा गांव में गम और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। परिवार के लोग अंकुल की मौत को लेकर बेहद दुखी हैं और उन्हें आशंका है कि उसके साथ कोई गंभीर घटना हुई है।
थाने पहुंचे ग्रामीणों में मोनू कुमार, ललेश कुमार, रोशन लाल, बिट्टू, बले सिंह, राहुल कुमार, कमल कुमार, उत्तमवीर, राकेश कुमार, संजू, गुड्डू, भुवनेश कुमार, मोनू, सतपाल, सतबीर, संतोष, संजय कुमार, लिटिल, सोनिया, मंजू, मुनेश और मीनाक्षी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अंकुल की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। ग्रामीणों की निगाहें अब पुलिस जांच के अगले कदम और मामले के खुलासे पर टिकी हैं।

