मुजफ्फरनगर में जाम का ‘इलाज’ तैयार! 440 करोड़ की लागत से बनेगा 3 KM एलिवेटेड रोड, अक्टूबर से शुरू हो सकता है निर्माण

मुजफ्फरनगर में जाम का ‘इलाज’ तैयार! 440 करोड़ की लागत से बनेगा 3 KM एलिवेटेड रोड, अक्टूबर से शुरू हो सकता है निर्माण

मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर लगातार लगने वाले जाम और बढ़ते यातायात दबाव से मुजफ्फरनगर शहर तथा आसपास के लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जिले में जड़ौदा नरा से संधावली पुल तक करीब तीन किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 440 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद हरेंद्र मलिक ने परियोजना को लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से परियोजना को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।

सांसद के अनुसार परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। अब निर्माण कार्य को धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है। सब कुछ निर्धारित योजना के अनुसार रहा तो अक्टूबर 2026 में एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

एनएच 58 पर जाम से मिलेगी राहत

मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन, लंबी दूरी की गाड़ियां और स्थानीय वाहन गुजरते हैं। यातायात का दबाव लगातार बढ़ने के कारण जड़ौदा नरा से संधावली और आसपास के हिस्सों में कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय यातायात और लंबी दूरी के वाहनों के एक ही मार्ग पर चलने से यातायात संचालन प्रभावित होता है।

नई एलिवेटेड रोड परियोजना का उद्देश्य मुख्य यातायात को अलग और निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराना है। इसके बनने के बाद लंबी दूरी का यातायात ऊपर से सीधे गुजर सकेगा, जबकि स्थानीय वाहनों के लिए नीचे सर्विस रोड उपलब्ध रहेगी। इससे दोनों तरह के यातायात के बीच होने वाला टकराव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

जड़ौदा नरा से संधावली पुल तक बनेगा एलिवेटेड मार्ग

प्रस्तावित एलिवेटेड रोड जड़ौदा नरा से शुरू होकर संधावली पुल यानी ओवरब्रिज तक बनाया जाएगा। इसकी लंबाई करीब तीन किलोमीटर होगी। परियोजना पर लगभग 440 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। सांसद हरेंद्र मलिक के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से परियोजना को प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है।

परियोजना से जुड़े जरूरी प्रशासनिक कार्य पूरे किए जा चुके हैं। टेंडर जारी करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसी को वर्क ऑर्डर भी दिया जा चुका है। अब निर्माण एजेंसी की ओर से मौके पर काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

नीचे सर्विस रोड, ऊपर से दौड़ेगा मुख्य यातायात

एलिवेटेड रोड की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि इसके नीचे सर्विस रोड भी बनी रहेगी। सर्विस रोड का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्थानीय वाहनों के आवागमन के लिए किया जाएगा। वहीं लंबी दूरी और मुख्य हाईवे का यातायात ऊपर बने एलिवेटेड मार्ग से बिना रुकावट आगे बढ़ सकेगा।

इस व्यवस्था से सड़क पर बार बार कट लेने, वाहनों के मुड़ने और आमने सामने आने की समस्या कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों के एक साथ आवागमन के कारण कई स्थानों पर यातायात बाधित होता है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद दोनों प्रकार के यातायात को अलग रास्ता मिलने से आवागमन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

हादसों और यातायात अव्यवस्था में कमी की उम्मीद

राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों के बार बार कटने और दिशा बदलने के कारण जाम के साथ हादसों का खतरा भी बना रहता है। एलिवेटेड रोड के जरिए मुख्य यातायात को सीधा और निर्बाध रास्ता मिलने से इस समस्या में कमी आने की उम्मीद है।

परियोजना पूरी होने के बाद भारी और लंबी दूरी के वाहन ऊपर से निकल सकेंगे, जबकि स्थानीय वाहन नीचे सर्विस रोड का इस्तेमाल करेंगे। इससे हाईवे पर अनावश्यक रुकावट कम होगी और यातायात का प्रवाह बेहतर होने की संभावना है।

संधावली से वहलना तक की पुरानी योजना भी चर्चा में

संधावली क्षेत्र में यातायात सुधार के लिए पहले भी विभिन्न योजनाओं पर चर्चा होती रही है। जनवरी 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार संधावली से वहलना तक करीब 2.44 किलोमीटर लंबे छह लेन ओवरब्रिज का प्रस्ताव रखा गया था। इस परियोजना के लिए 419 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

उस योजना में करीब 1.72 किलोमीटर हिस्से को एलिवेटेड रखने का प्रस्ताव बताया गया था। अब जड़ौदा नरा से संधावली पुल तक करीब तीन किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड और लगभग 440 करोड़ रुपये की परियोजना की जानकारी सामने आने से क्षेत्र की यातायात योजनाओं को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।

पीनना बाईपास का अधूरा काम भी जल्द शुरू कराने की तैयारी

मुजफ्फरनगर की यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सांसद हरेंद्र मलिक ने पीनना बाईपास को लेकर भी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से अधूरे पड़े पीनना बाईपास के निर्माण कार्य को जल्द दोबारा शुरू कराया जाएगा।

पीनना बाईपास का निर्माण पूरा होने से राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। बाईपास के जरिए आसपास के क्षेत्रों के वाहनों और लंबी दूरी के यातायात को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। इससे मुख्य हाईवे पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

यातायात व्यवस्था के लिए दो बड़ी परियोजनाएं महत्वपूर्ण

जड़ौदा नरा से संधावली तक एलिवेटेड रोड और पीनना बाईपास का निर्माण मुजफ्फरनगर की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से शहर और आसपास के इलाकों में यातायात के दबाव को कम करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।

अब लोगों की नजर अक्टूबर 2026 पर है, जब प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का निर्माण शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। परियोजना समय पर शुरू होकर निर्धारित समय में पूरी होती है तो मुजफ्फरनगर के इस व्यस्त हिस्से में जाम और यातायात अव्यवस्था से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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