मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पुरानी तहसील परिसर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 65 वर्षीय बुजुर्ग का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। सार्वजनिक स्थान पर दिनदहाड़े बुजुर्ग की लाश मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने के साथ घटना की जांच शुरू कर दी।

काफी प्रयास के बाद मृतक की पहचान 65 वर्षीय मुशर्रफ के रूप में हुई। वह मूल रूप से मेरठ जिले के रहने वाले थे, लेकिन पिछले करीब 16 वर्षों से मुजफ्फरनगर में रह रहे थे। जानकारी के मुताबिक मुशर्रफ शहर के खालापार इलाके में अपने भाई खुर्शीद अहमद के घर रह रहे थे। उनका निवास आजाद मेमोरियल स्कूल के बराबर पप्पू हलवाई वाली गली में बताया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मुशर्रफ का पुरानी तहसील परिसर में अक्सर आना-जाना रहता था। वह दिन के समय अपने घर से निकलकर पुरानी तहसील परिसर में पहुंच जाते थे और वहां बैठकर आराम करते थे। लंबे समय से उनकी यह दिनचर्या होने के कारण परिसर में मौजूद लोगों और आसपास के दुकानदारों के लिए उनका वहां आना सामान्य बात थी।
बुधवार को भी मुशर्रफ रोज की तरह पुरानी तहसील परिसर पहुंचे थे। कुछ समय बाद लोगों की नजर परिसर में पड़े उनके शव पर गई। बुजुर्ग का शव देखते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मृतक की पहचान कराने के लिए आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान घटना की जानकारी मुशर्रफ के भतीजे जाहिद तक पहुंची। जाहिद मौके पर पहुंचे और उन्होंने शव की पहचान अपने चाचा मुशर्रफ के रूप में की। पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने परिवार के अन्य सदस्यों को भी घटना की जानकारी दी।
भतीजे जाहिद के अनुसार, मुशर्रफ पिछले करीब 16 वर्षों से अपने भाई खुर्शीद अहमद के साथ खालापार में रह रहे थे। बताया गया कि मुशर्रफ के अपने परिवार से संबंध बेहतर नहीं थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वह लंबे समय से अपने बच्चों से अलग रह रहे थे और भाई के घर पर ही निवास कर रहे थे।
दिनदहाड़े पुरानी तहसील जैसे सार्वजनिक स्थान पर शव मिलने की सूचना तेजी से आसपास फैल गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए लोगों को घटनास्थल से दूर किया और शव को कब्जे में लिया।
फिलहाल मुशर्रफ की मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। शुरुआती स्तर पर किसी स्पष्ट कारण की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस मामले की जांच के दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पुरानी तहसील परिसर में मुशर्रफ के साथ आखिरी समय में कौन लोग मौजूद थे और उनकी मौत से पहले उनकी स्थिति कैसी थी।
मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

