दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आबकारी नीति को लेकर इन दिनों मुश्किल में हैं। सीबीआई ने शुक्रवार को दिल्ली शराब नीति में गड़बड़ी के आरोपों के बीच सिसोदिया के घर पर 14 घंटे छापेमारी की। सीबीआई ने इस केस में दर्ज एफआईआर में मनीष सिसोदिया को नंबर 1 आरोपी बताया। उनके अलावा 14 अन्य लोगों पर भी आरोप लगे हैं। वहीं इस मामले को लेकर सियासत भी गर्मा गई है। बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस ने भी मनीष सिसोदिया के इस्तीफे की मांग की है। वहीं इन सब आरोपों के बीच मनीष सिसोदिया मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि, मुद्दा शराब का घोटला नहीं है। बीजेपी को घोटाले की चिंता नही हैं अगर इनको शराब घाटोल की चिंता होती तो गुजरात में हर साल 10 हजार करोड़ रुपए की एक्साइज की चोरी होती है। इनको चिंता होती है ईडी की दफ्तर वहां खुल जाता है। पीएम मोदी ने कुछ दिन बुंदेलखंड एक्स्प्रेस वे का उद्घाटन किया था। पांच दिन में वो एक्सप्रेसवे धंस गया। इसक एक्सप्रेसवे को बनाने में बड़ा घोटाला हुआ, लेकिन करप्शन मुद्दा होता तो इस पर तुरंत कार्रवाई होती।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि, हमारे बढ़ते कदम रोकने के लिए आने वाले दो-तीन दिन में मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके साथ ही अन्य आप नेता भी गिरफ्तार किए जा सकते हैं। लेकिन हम डरने वाले नहीं है। हम भगत सिंह के फॉलोवर्स हैं और देश के लिए अपनी जान दे देंगे।

हमने देश की बेस्ट एक्साइज पॉलिसी तैयार की है। इसको पूरी ट्रांसपरेंसी के साथ लागू भी किया। बीजेपी कह रही है कि इस पॉलिसी में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है, मनोज तिवारी ने 8 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। इसके बाद 1100 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया, फिर 140 करोड़ के घोटाले के आरोप लगा।

सीबीआई के अधिकारियों की एफआईआर में लिखा है सोर्सेज कह रहे हैं कि 1 करोड़ रुपए का घोटला हुआ है।
लेकिन ये सब बकवास कर रहे हैं। इस पूरी पॉलिसी में कोई घोटाला नहीं हुआ। जो आरोप लगा रहे हैं उनको ना तो कुछ पता है ये लोग सिर्फ दी गई स्क्रिप्ट को पढ़ते रहते हैं।
इससे पहले मनीष सिसोदिया ने सीबीआई रेड को लेकर कहा कि, एजेंसी का दुरुपयोग किया जा रहा है और उसे ऊपर से आदेश दिए जा रहे हैं ताकि दिल्ली सरकार के अच्छे कामों को रोका जा सके।
दिल्ली के डिप्टी सीएम ने कहा कि, सीबीआई अधिकारियों का बर्ताव काफी अच्छा था और वह विभागों की कुछ फाइलें अपने साथ ले गए हैं।