नई दिल्ली। विश्व हाथी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पारिस्थितिकी और प्राकृतिक विरासत में हाथियों के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हाथी भारत की समृद्ध पारिस्थितिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं और उनका संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह गर्व की बात है कि दुनिया के 60 प्रतिशत से अधिक जंगली एशियाई हाथी भारत में पाए जाते हैं। देश में हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए 33 हाथी रिजर्व बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये हाथी रिजर्व हाथियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके दीर्घकालिक संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती देते हैं।

पीएम मोदी ने हाथियों के संरक्षण में योगदान देने वाले वन कर्मियों, वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सकों, महावतों और स्थानीय समुदायों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन सभी के सामूहिक प्रयास हाथियों के संरक्षण और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने विश्व हाथी दिवस पर पोस्ट करते हुए लिखा कि विश्व हाथी दिवस पर हम हाथियों और इंसानों के लिए एक साझा भविष्य सुरक्षित करने के भारत के संकल्प को दोहराते हैं।

14 राज्यों में फैले 33 हाथी रिजर्व, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित 150 हाथी कॉरिडोर, आबादी की बेहतर निगरानी और इंसान-हाथी टकराव को कम करने के मजबूत उपायों के साथ, भारत हाथियों के संरक्षण को लगातार मजबूत कर रहा है। जब हम हाथियों का भविष्य सुरक्षित करते हैं, तो हम अपने जंगलों, जैव-विविधता और पारिस्थितिक विरासत को भी सुरक्षित करते हैं।
आइए, हम यह सुनिश्चित करें कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हाथी भारत के जंगलों और इलाकों में आजादी से घूमते रहें। हाथियों की उन्नत जनसंख्या निगरानी और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए कड़े उपाय हाथी संरक्षण को मजबूत कर रहे हैं। मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि मध्यप्रदेश के जंगलों में गजराजों की बढ़ती मौजूदगी हमारे समृद्ध वन्यजीवन तथा स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार वन्यजीव संरक्षण के साथ ही मानव-हाथी सह-अस्तित्व को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्व हाथी दिवस पर आइए, गजराजों के संरक्षण तथा उनके सुरक्षित आवास के संकल्प को और सुदृढ़ करें।

