बांदा में करंट में चिपके थे दो मासूम भाई, फरिश्ता बनकर पहुंचे पुलिसकर्मी; लकड़ी के डंडे से बचाई दोनों की जान

बांदा में करंट में चिपके थे दो मासूम भाई, फरिश्ता बनकर पहुंचे पुलिसकर्मी; लकड़ी के डंडे से बचाई दोनों की जान

बांदा। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर गांव में शनिवार को पुलिसकर्मियों की सूझबूझ, साहस और त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। यहां बिजली के करंट की चपेट में आकर तार से चिपके दो मासूम भाइयों को थाना बिसंडा में तैनात दो कांस्टेबलों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों बच्चों को तत्काल सीएचसी बिसंडा पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई।

जानकारी के अनुसार, आठ अगस्त को थाना बिसंडा के कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और सुनील कुमार बिंद एक शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच के सिलसिले में पुनाहुर गांव पहुंचे थे। पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, तभी अचानक कुछ ग्रामीण घबराते हुए शोर मचाकर उनकी ओर दौड़े। ग्रामीणों ने बताया कि दो बच्चे बिजली के करंट की चपेट में आकर तार से चिपक गए हैं।

सूचना मिलते ही दोनों पुलिसकर्मी बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंचे। वहां करीब पांच वर्षीय बच्चा बिजली के खंभे और सपोर्ट अर्थ की तार से चिपका हुआ था। उसे बचाने के प्रयास में उसका करीब नौ वर्षीय बड़ा भाई भी विद्युत करंट की चपेट में आ गया था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और सुनील कुमार बिंद ने सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। दोनों ने लकड़ी के डंडे की सहायता से बच्चों को विद्युत तार से अलग किया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिसंडा ले जाया गया।

चिकित्सकों ने दोनों बच्चों का उपचार किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने के कारण दोनों बच्चे खतरे से बाहर हैं। बाद में पुलिसकर्मियों ने बच्चों के परिजनों को सूचना देकर अस्पताल बुलाया और दोनों को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया।

क्षेत्राधिकारी बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने रविवार को बताया कि थाना बिसंडा के दोनों आरक्षियों ने असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए दो बच्चों की जान बचाई है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिसकर्मियों ने तत्काल सूझबूझ का परिचय नहीं दिया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

पुलिसकर्मियों की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। अपनी जान की परवाह किए बिना विद्युत करंट में फंसे दोनों मासूमों को बचाने वाले कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और सुनील कुमार बिंद की कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता पुलिस महकमे के साथ-साथ क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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