असम बाढ़ का कहर: मृतकों की संख्या 75 पहुंची, लापता लोगों के परिजनों को ₹9 लाख सहायता का ऐलान

असम बाढ़ का कहर: मृतकों की संख्या 75 पहुंची, लापता लोगों के परिजनों को ₹9 लाख सहायता का ऐलान

गुवाहाटी। ऊपरी असम के चार जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन्हीं जिलों में सबसे अधिक लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार प्रभावितों की हर संभव मदद के लिए लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के लिए आर्थिक मदद के साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए 9 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया है। वहीं शिवसागर जिले के नाजिरा इलाके के अभी भी 7 व्यक्ति लापता हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर लापता व्यक्तियों का पता नहीं चल पाता है तो सरकार जल्द ही उन्हें मृत मानकर परिजनों को आर्थिक सहायता मुहैया कराएगी।

बाढ़ का पानी लगातार घट रहा है, जिसके चलते घरों एवं विद्यालयों में घुटनों तक मिट्टी की गाद भर जाने से लोगों के सामने एक नई समस्या पैदा हो गयी है। लोग अपने घर लौटने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन स्थिति गंभीर होने के चलते सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने के लिए लोग मजबूत हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के 28 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार शिवसागर जिले में सात और लोगों के शव बरामद हुए हैं। राज्य में अब तक मरने वालों की कुल संख्या 75 हो गई है। धनसिरी (नुमालीगढ़) नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सरकार युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव के लिए सभी तरह के उपाय करने में जुटी हुई है।

इस समय बाढ़ प्रभावित जिलों में शिवसागर, गोलाघाट, चराईदेव, जोरहाट, नगांव शोणितपुर एवं कामरूप (मेट्रो) जिला हैं। बाढ़ से इन जिलों के 21 राजस्व मंडलों के कुल 622 गांव प्रभावित हैं। राज्य की कुल 332639 आबादी एवं 45341.98 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कुल 81 राहत शिविर एवं 34 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 115 शिविर क्रियान्वित हैं। राहत शिविरों में 32477 लोग आश्रय लिए हुए हैं, जबकि राहत वितरण केंद्रों पर 16314 गैर-शिविर निवासी राहत प्राप्त कर रहे हैं।

28 जुलाई तक बाढ़ के पानी में शिवसागर जिले में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों की कुल संख्या 186 बताई गई है। शिवसागर जिले में ही 2 पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जबकि, शिवसागर जिले में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चा मकानों की कुल संख्या 560 है। वहीं शिवसागर जिले में आंशिक रूप से पक्का क्षतिग्रस्त मकानों की कुल संख्या 580 है। क्षतिग्रस्त अन्य मकानों में शिवसागर जिले में 320 झोपड़ियां, अन्य मवेशी शेड की कुल संख्या 789 है।

बाढ़ में राहत एवं बचाय अभियान में एसडीआरएफ, सेना/अर्धसैनिक बल, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, एयर फोर्स, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटा हुआ है। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राज्य सरकार ने कुल 125 मेडिकल टीमों को तैनात किया। इस दौरान 21 नावें भी राहत कार्य में जुटी रहीं। नावों के जरिए कुल 02 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

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