मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के एक गांव से छह दिन पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई नाबालिग किशोरी की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उसके पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण उन्हें जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ा।

भोपा थाना क्षेत्र के गांव वजीराबाद निवासी शौकीन पुत्र रहीसुद्दीन ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी नाबालिग पुत्री जीनत बीती 16 जुलाई की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के ही रहने वाले वाजिद, सादिक, सरफराज और शहजाद उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। उनका दावा है कि आरोपी किशोरी को किसी अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखे हुए हैं, जहां उसके साथ मारपीट और मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है।

पीड़ित पिता ने बताया कि 19 जुलाई को उनकी बेटी ने किसी तरह एक मोबाइल नंबर से उन्हें फोन किया। उनके अनुसार बेटी ने रोते हुए बताया कि आरोपी उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और उसे अपनी जान का खतरा है। पिता का कहना है कि बातचीत के दौरान बेटी बार-बार उनसे उसे बचाने की गुहार लगाती रही। उसने यह भी कथित रूप से कहा कि यदि परिवार ने पुलिस या किसी अन्य व्यक्ति की मदद लेने की कोशिश की तो आरोपी उसे और उसके पिता दोनों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
शौकीन का कहना है कि बेटी का फोन आते ही उन्होंने तत्काल पूरे मामले की जानकारी भोपा थाना पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने न तो अब तक नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और न ही किशोरी की तलाश या मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी बरामदगी के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया।
स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से निराश पीड़ित परिवार मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचा और पूरे घटनाक्रम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए तथा विशेष पुलिस टीम गठित कर उनकी नाबालिग बेटी को जल्द से जल्द सकुशल बरामद कराया जाए। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
एसएसपी कार्यालय में पीड़ित की शिकायत प्राप्त करने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल परिवार अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा है, जबकि पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

