मुजफ्फरनगर। जनपद की थाना नई मंडी पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे शातिर तस्कर को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया। उसके कब्जे से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस तथा तीन खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, क्षेत्राधिकारी नई मंडी सुनील कुमार तथा प्रभारी निरीक्षक आनंद देव मिश्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अंजाम दी।

पुलिस के अनुसार थाना नई मंडी क्षेत्र के गांव रथेड़ी निवासी रहीश पुत्र अनीश ने शिकायत दर्ज कराई थी कि खुर्शीद पुत्र सद्दीक, निवासी असरफ कॉलोनी, थाना भवन, जनपद शामली ने उससे एक अशोक लीलैंड वाहन किस्तों पर खरीदा था। आरोप है कि आरोपी ने न तो वाहन की किस्तें जमा कीं और न ही वाहन वापस किया। बाद में उसी वाहन का इस्तेमाल हरियाणा से अवैध शराब की तस्करी के लिए किया जाने लगा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चार जुलाई 2026 को इसी अशोक लीलैंड वाहन को 150 पेटी अवैध शराब के साथ बरामद किया गया था। उस समय एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी खुर्शीद मौके से फरार हो गया था। इस मामले में थाना नई मंडी में आबकारी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
बुधवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी एनएच-58 स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि जैसे ही आरोपी ने खुद को घिरा देखा, उसने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी और नसीरपुर कट की ओर भागते हुए गन्ने के खेत में छिप गया।
पुलिस ने आरोपी को चारों ओर से घेर लिया और आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन आरोप है कि उसने दोबारा पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी खुर्शीद के पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह हरियाणा निर्मित अवैध शराब की तस्करी करता था। वह हरियाणा से शराब लाकर मुजफ्फरनगर, उत्तराखंड तथा आसपास के क्षेत्रों में उसकी आपूर्ति करता था और इस अवैध कारोबार से आर्थिक लाभ कमाता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि किस्तों पर लिया गया अशोक लीलैंड वाहन भी इसी तस्करी के काम में लगाया जाता था।
पुलिस जांच में आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ शामली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के विभिन्न थानों में चोरी, आबकारी अधिनियम, धोखाधड़ी, अवैध शराब तस्करी तथा अन्य गंभीर अपराधों के कई मुकदमे दर्ज हैं। नई मंडी थाने में दर्ज शराब तस्करी के मामलों में भी वह वांछित चल रहा था।
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक आनंद देव मिश्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक संदीप चौधरी, उपनिरीक्षक शेखर कंडपाल, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, हेड कांस्टेबल अनुज कुमार, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, रोहित कुमार, मुनेश कुमार, दिनेश बाना, अनिल कुमार, मुनेन्द्र कुमार तथा राजीव अत्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, अवैध हथियार रखने तथा अन्य संबंधित धाराओं में नया मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों और अवैध शराब की सप्लाई चेन की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

