मुजफ्फरनगर। जनपद के मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव शिवपुरी में खेत में कीटनाशक दवा का छिड़काव करते समय एक खेतिहर मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। फसल पर दवा का स्प्रे करते हुए अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह खेत में ही बेहोश होकर गिर पड़ा। ग्रामीणों ने तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार गांव शिवपुरी निवासी किसान बादल पुत्र सोकिन सिंह के खेत में एक खेतिहर मजदूर काम करता था। बुधवार को वह नियमित रूप से खेत में फसल पर कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार काम के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते वह अचेत होकर खेत में गिर पड़ा। खेत में मौजूद अन्य लोगों ने उसे संभालने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर होती चली गई।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में एम्बुलेंस बुलाकर मजदूर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मृत घोषित करते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम का माहौल छा गया।
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि खेत में कीटनाशक दवा का स्प्रे करते समय जहरीली गैस या रसायन के प्रभाव के कारण मजदूर की तबीयत बिगड़ी, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटना के बाद कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों ने किसानों तथा खेतिहर मजदूरों से कीटनाशक दवाओं का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि स्प्रे के दौरान मास्क, दस्ताने, सुरक्षा चश्मा और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा तेज धूप, तेज हवा या प्रतिकूल मौसम में रासायनिक दवाओं का छिड़काव करने से बचना चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सूचना मिलने पर पुलिस ने भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अब परिजनों और ग्रामीणों की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मजदूर की मौत कीटनाशक दवा के प्रभाव से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

