हरिद्वार में राकेश टिकैत का दावा, बोले- “2027 से पहले भी हो सकते हैं चुनाव”

हरिद्वार में राकेश टिकैत का दावा, बोले- “2027 से पहले भी हो सकते हैं चुनाव”

हरिद्वार (उत्तराखंड)। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर बड़ा दावा किया है। हरिद्वार में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें वर्ष 2027 से पहले ही चुनाव होने की संभावना दिखाई दे रही है। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव इसी वर्ष नवंबर या दिसंबर में भी कराए जा सकते हैं।

“2027 से पहले चुनाव के आसार”

राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए तय समय से पहले चुनाव होने की संभावना नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, “चुनाव के आसार तो 2027 से पहले के ही लग रहे हैं। नवंबर-दिसंबर में ही चुनाव न हो जाएं।”

चुनाव प्रक्रिया पर लगाए आरोप

टिकैत ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरत रहा है। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दबाव बनाया जा रहा है और चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

ध्यान दें: चुनाव प्रक्रिया और सरकार को लेकर लगाए गए ये आरोप राकेश टिकैत के व्यक्तिगत राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस समाचार में शामिल नहीं है।

सोनम वांगचुक के आंदोलन पर भी बोले

दिल्ली में चल रहे आंदोलन के संदर्भ में राकेश टिकैत ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार संवाद के लिए तैयार हो तो भूख हड़ताल प्रभावी माध्यम हो सकती है, लेकिन यदि सरकार संवाद नहीं करती तो आंदोलन के अन्य लोकतांत्रिक तरीके अपनाने पड़ते हैं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने सोनम वांगचुक से भी कहा था कि यदि शासन संवेदनशील हो तो भूख हड़ताल का असर होता है, लेकिन यदि सरकार संवाद के लिए तैयार न हो तो लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठानी चाहिए।

आंदोलनों को लेकर दी अपनी राय

राकेश टिकैत ने कहा कि किसान संगठन और अन्य सामाजिक समूह अपने मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक ढंग से संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।

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