नोएडा पीजी अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई, दो मौतों के बाद संचालक गिरफ्तार; केयरटेकर फरार

नोएडा पीजी अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई, दो मौतों के बाद संचालक गिरफ्तार; केयरटेकर फरार

नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जनपद में नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र के मामूरा गांव के गली नंबर -2 में बुधवार को इलेक्ट्रिक वाहन (स्कूटी) चार्ज के दौरान स्पार्क होने से पीजी की बिल्डिंग मे लगी आग और धुएं से दमघुटने की वजह से दो लोगों की हुई मौत के मामले में पुलिस ने गुरुवार को पीजी संचालित करने वाले आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। बिल्डिंग का केयरटेकर फरार है। इनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।

अपर पुलिस उपायुक्त स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि थाना फेस तीन क्षेत्र के मामूरा गांव में स्थित एक बिल्डिंग (पीजी) में बुधवार दोपहर को ग्राऊंड फ्लोर पर उस समय आग लग गई जब चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में शार्ट सर्किट हुआ। देखते ही देखते आग ने आसपास खड़े वाहनों और पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। उन्होंने बताया कि इस आगजनी में कुमारी स्नेहा श्रीवास्तव (24) पुत्री अश्विनी कुमार निवासी जनपद मुजफ्फरपुर बिहार तथा ऋषभ कुमार (27) पुत्र सुजीत कुमार निवासी बालाघाट मध्य प्रदेश की धुएं की चपेट में आकर दम घुटने से मौत हो गई थी।

उन्होंने बताया कि इस मामले में थाना फेस- 3 पुलिस ने पीजी संचालक कृष्ण कुमार और केयरटेकर धर्मेंद्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 125 तथा 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आज सुबह आरोपित कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। केयरटेकर धर्मेंद्र फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि कृष्ण कुमार को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

मुख्य दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि बुधवार दोपहर को फायर ब्रिगेड को सूचना मिली कि मामूरा गांव के गली नंबर- 2 के जी-4 बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में एक इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी चार्ज पर लगा था। इसी बीच स्पार्क होने के चलते वाहन में आग लग गई। उक्त आग ने आसपास खड़े अन्य पेट्रोल वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपने चपेट में ले लिया।

उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की सात गाड़ियां और हाइड्रोलिक प्लेटफार्म मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया। परिसर के अंदर 50 परिवार रहते थे। उन्हें रेसक्यू करके बाहर निकला गया। उन्होंने बताया कि धुएं से दो लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ गया था, जिन्हें एंबुलेंस द्वारा अस्पताल भिजवाया गया। वहां पर स्नेहा और ऋषभ की मौत हो गई है।

उन्होंने बताया कि जहां पर आग की घटना हुई थी, वहां पर गली काफी सकरी थी। इस वजह से राहत और बचाव कार्य में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आग में फंसे कुछ लोगों को दमकल कर्मी पीठ पर लादकर बाहर निकलते हुए नजर आए। उन्होंने बताया कि अग्निशमन विभाग ने करीब दो घंटे तक राहत और बचाव कार्य चलाया। आग लगने के चलते कुछ मिनट में पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। कुछ लोगो ने बांस की सीढ़ी डालकर एक छत से दूसरी छत पर जाकर अपनी जान बचाई। वहीं वहां रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें शुरुआत में ऐसा लगा कि आग छोटी है। थोड़ी देर में बुझ जाएगी। देखते-देखते आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया।

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