मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव स्थित चर्चित बंधुआ मजदूर एवं कथित ‘टॉर्चर फैक्ट्री’ मामले का मुख्य आरोपी अंकित बालियान पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया। हरियाणा की पलवल जेल से बी-वारंट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने तितावी पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए आरोपी को मुकदमे की कार्रवाई में शामिल कर लिया और 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर करते हुए उसे दोबारा पलवल जेल भेजने का आदेश दिया। शाम को हरियाणा पुलिस आरोपी को वापस लेकर रवाना हो गई।

कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय जब मीडियाकर्मियों ने अंकित बालियान से उस पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर सवाल किए तो उसने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया। आरोपी ने कहा, “मैंने तो किसी को नहीं मारा… मेरे ऊपर झूठे इल्जाम लगाए गए हैं। मुझे इस मामले में जबरन फंसाया गया है।” आरोपी का यह बयान अब पूरे मामले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि यह वही मामला है जिसने पिछले दिनों प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। बीते 23 जून 2026 को तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव स्थित एक दोना-पत्तल फैक्ट्री पर पुलिस, श्रम विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान एक किशोर समेत 12 बंधुआ मजदूरों को फैक्ट्री से मुक्त कराया गया था।
जांच एजेंसियों और मुक्त कराए गए मजदूरों के आरोपों के अनुसार फैक्ट्री में मजदूरों को बंधक बनाकर रखा जाता था और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था। आरोप है कि काम में मामूली गलती होने पर मजदूरों की हंटर और डंडों से पिटाई की जाती थी तथा उन्हें प्रताड़ित करने के लिए उन पर हिंसक कुत्ते भी छोड़े जाते थे। जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आया कि उत्पीड़न के बीच नेपाल निवासी मजदूर अर्जुन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके मामले में अंकित बालियान पर हत्या का भी आरोप लगाया गया है।
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद अंकित बालियान फरार हो गया था और मुजफ्फरनगर पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। इसी दौरान वह हरियाणा के पलवल जिले में अवैध हथियार रखने के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया और वहां की जेल भेज दिया गया। इसकी जानकारी मिलने पर तितावी पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पलवल न्यायालय से बी-वारंट प्राप्त किया और उसे मुजफ्फरनगर न्यायालय में पेश कराया। इस मामले में पुलिस सह-आरोपी शिवा त्यागी, प्रदीप बालियान और रेबिट को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि अंकित बालियान इस पूरे प्रकरण का मुख्य अभियुक्त है। न्यायालय के आदेश के अनुसार उसे विवेचना में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पीड़ितों के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह मामला बंधुआ मजदूरी, श्रमिक उत्पीड़न और मानवाधिकारों से जुड़े गंभीर आरोपों के कारण पहले से ही चर्चा में है। अब मुख्य आरोपी की न्यायालय में पेशी और उसका सार्वजनिक बयान आने के बाद इस बहुचर्चित मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

