मुजफ्फरनगर। आगामी पवित्र श्रावण मास में शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा को लेकर मुजफ्फरनगर में प्रशासनिक तैयारियों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार भी इस बार कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बनाने के लिए गंभीर नजर आ रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा मुजफ्फरनगर सदर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को पत्र भेजकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों के संबंध में तत्काल एक उच्च स्तरीय व्यापक समन्वय बैठक आयोजित किए जाने का आग्रह किया है।

राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कि श्रावण मास के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार और गंगोत्री से पवित्र गंगाजल लेकर मुजफ्फरनगर जनपद के विभिन्न मार्गों से होकर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे। ऐसे में जनपद की सीमाओं के भीतर कांवड़ियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप देना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कांवड़ यात्रा की तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनपद स्तर पर भी सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।
राज्यमंत्री ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि बिना किसी विलंब के जनपद स्तर पर एक व्यापक समन्वय बैठक बुलाई जाए। इस बैठक में जिले के सभी सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम तथा कांवड़ यात्रा से जुड़े अन्य सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल विभागीय समीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सुझाव लेकर कांवड़ यात्रा के लिए एक समग्र, प्रभावी और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। यात्रा मार्गों का निरीक्षण, रूट मैप, ट्रैफिक डायवर्जन, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा शिविर, कंट्रोल रूम, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत योजना पहले से तैयार कर ली जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा का प्रमुख पड़ाव माना जाता है, जहां से प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय ही सफल और सुरक्षित कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी कुंजी होगा। उन्होंने अधिकारियों से श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का भी आग्रह किया।
राज्यमंत्री ने अपने पत्र में यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का विराट महापर्व है। इस महापर्व के दौरान प्रत्येक शिवभक्त को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन, प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी विभाग आपसी तालमेल और समर्पण के साथ कार्य करेंगे तो इस वर्ष मुजफ्फरनगर की कांवड़ यात्रा व्यवस्थाओं के मामले में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर सामने आएगी।
प्रशासनिक स्तर पर भी माना जा रहा है कि आगामी दिनों में कांवड़ यात्रा को लेकर विभागीय बैठकों का दौर तेज होगा और यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि लाखों शिवभक्तों की आस्था के इस महापर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न कराया जा सके।

