बाराबंकी में घाघरा के बढ़ते खतरे के बीच प्रशासन अलर्ट, 18 गांवों पर निगरानी तेज; बाढ़ से निपटने की तैयारियों को मिला अंतिम रूप

बाराबंकी में घाघरा के बढ़ते खतरे के बीच प्रशासन अलर्ट, 18 गांवों पर निगरानी तेज; बाढ़ से निपटने की तैयारियों को मिला अंतिम रूप

बाराबंकी। जिले की रामनगर तहसील में घाघरा नदी में बाढ़ की आशंका को देखते हुए शुक्रवार दोपहर तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी आनंद तिवारी की अध्यक्षता में बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई।

एसडीएम ने घाघरा किनारे बसे संवेदनशील गांवों के राजस्व निरीक्षक, लेखपाल व पंचायत सचिवों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए। कहा कि कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। जलस्तर की सूचना प्रतिदिन तहसील कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में प्रभारी चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर व सूरतगंज को निर्देश दिए गए कि बाढ़ चौकियों पर मेडिकल टीम तैनात करें। ओआरएस, क्लोरीन टेबलेट, सर्पदंश व डायरिया की दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखें। पशु चिकित्सा अधिकारी को चारा-भूसा, टीकाकरण और पशु एंबुलेंस तैयार रखने को कहा गया।

एडीओ पंचायत को निर्देश दिए कि सभी बाढ़ चौकियों पर नाव, गोताखोर, लाइफ जैकेट व रस्सों की व्यवस्था समय से पूरी कर लें। राशन किट, पॉलीथिन शीट, मोमबत्ती व मिट्टी के तेल का भंडारण भी सुनिश्चित हो।

एसडीएम ने कहा कि टेपरा, किशुनपुर, सरैंया, भिठौरा समेत 18 गांव हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इन गांवों में विशेष निगरानी रखी जाए। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों व बीमार लोगों की सूची पहले से तैयार कर ली जाए ताकि आपात स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा सके।

बैठक में ग्रामों के प्रशासक भी मौजूद रहे। एसडीएम ने कहा कि ग्राम स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर हर सूचना तत्काल साझा की जाए। बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे चालू रहेगा।

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