शामली। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी आलोक यादव के निर्देश तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुशफेकीन के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊन में 10 नवजात कन्याओं का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को उत्सव के रूप में मनाना, उनके अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करना और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तरुण चौधरी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख रामपाल मौजूद रहे। इस दौरान 10 नवजात बेटियों से प्रतीकात्मक रूप से केक कटवाकर उनका स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें बेबी किट, फलों की टोकरी, कंबल, बेबी बिब सहित अन्य उपहार भेंट किए गए।

माताओं को पोषण, स्वास्थ्य, प्रसवोत्तर देखभाल तथा बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। ब्लॉक प्रमुख रामपाल ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है और आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश और परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने सभी नवजात बालिकाओं और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान नवजात बेटियों के नाम पर नीम, पीपल, अशोक और विभिन्न फलदार पौधों का पौधरोपण भी किया गया। उपस्थित लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए पौधारोपण बेहद आवश्यक है।
जेंडर स्पेशलिस्ट कुलदीप शर्मा ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए महिला एवं बाल कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, वन स्टॉप सेंटर की सेवाएं तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग, हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने में भी सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं ने बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सम्मान के प्रति समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।
