300 साल पुराने बरगद की छांव में सजी ‘पुरवइया’ की सांस्कृतिक शाम, देवरिया में विमला रामकृष्ण बजाज एम्फीथिएटर का भव्य शुभारंभ

300 साल पुराने बरगद की छांव में सजी ‘पुरवइया’ की सांस्कृतिक शाम, देवरिया में विमला रामकृष्ण बजाज एम्फीथिएटर का भव्य शुभारंभ

देवरिया। उत्त्तर प्रदेश के जनपद देवरिया में तीन सौ वर्ष पुराने बरगद की छांव, कमल कुंड के ऊपर बने खुले मंच और शास्त्रीय सुरों की मधुर अनुगूंज के बीच शनिवार की शाम बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र-पूर्वांचल का नव निर्मित विमला रामकृष्ण बजाज एम्फीथिएटर पूर्वांचल की सांस्कृतिक चेतना का साक्षी बना। इसके उद्घाटन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या ‘पुरवइया’ में संगीत, कथक और रंगमंच की त्रिवेणी ने दर्शकों को देर रात तक मंत्रमुग्ध रखा।

कार्यक्रम की शुरुआत पंडित आनंद मिश्र के सितार, उत्कर्ष सोनी की बांसुरी और डॉ. सुदर्शन राम के तबला वादन से हुई। इसके बाद सार्वभौम वेद विद्यालय के छात्रों ने वैदिक मंगलाचरण प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक गरिमा से भर दिया। बजाज ऑटो के चेयरमैन नीरज बजाज ने वर्चुअल माध्यम से एम्फीथिएटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मेरी माता विमला रामकृष्ण बजाज हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की साधिका थीं। उनकी स्मृति में जागृति के सहयोग से इस एम्फीथिएटर का निर्माण कराया गया है, ताकि पूर्वांचल के कलाकारों और कला प्रेमियों को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए एक स्थायी मंच मिल सके।

बजाज ग्रुप चैरिटेबल ट्रस्ट्स के चीफ सीएसआर प्रोजेक्ट्स एवं प्रिंसिपल ऑफिसर श्याम मनियार ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का सतत विकास तभी संभव है, जब आर्थिक प्रगति के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान भी सशक्त हो। यह एम्फीथिएटर पूर्वांचल की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को नई पीढ़ी से जोड़ने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जागृति के संस्थापक शशांक मणि ने बजाज परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत को भविष्य से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

इसके बाद कथक आचार्य राकेश यादव एवं उनकी टीम ने अपनी मनोहारी प्रस्तुति से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। सांस्कृतिक संध्या का समापन संकल्प बलिया की ओर से प्रस्तुत नाटक ‘1857 के महानायक वीर मंगल पांडेय’ से हुआ। प्रभावशाली अभिनय और जीवंत मंचन ने स्वतंत्रता संग्राम की गाथा को साकार कर दिया। कार्यक्रम के अंत में नाटक के निर्देशक वरिष्ठ रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी सहित सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस दौरान जागृति के चेयरमैन शरत बंसल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशुतोष कुमार, बजाज ग्रुप एवं जागृति परिवार के सदस्य, क्षेत्र के कलाकार, साहित्यकार, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि व कला प्रेमी मौजूद रहे।

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