हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कुरारा विकास खंड क्षेत्र के झलोखर गांव में प्राचीन एवं आस्था के प्रमुख केंद्र माँ भुवनेश्वरी (भुइयाँरानी) मंदिर में आषाढ़ मास के पहले रविवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही दूर-दराज़ क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और माँ के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

मंदिर परिसर पूरे दिन “जय माँ भुवनेश्वरी” के जयघोष और भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने माँ के दर्शन के साथ मंदिर परिसर की पवित्र रज (मिट्टी) का भी श्रद्धापूर्वक लेपन किया। यहां देर रात तक धार्मिक अनुष्ठान की धूम रहेगी!

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस पावन रज के लेपन से गठिया एवं वात रोगों में लाभ मिलता है, जिसके कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ आस्था के साथ पहुंचते हैं।
मंदिर परिसर में लगे विशाल मेले में महिलाओं, बच्चों एवं युवाओं की भारी भीड़ रही। मेले में महिलाओं ने घरेलू एवं श्रृंगार की वस्तुओं की जमकर खरीदारी की, जबकि बच्चों ने झूलों और विभिन्न मनोरंजक आकर्षणों का आनंद लिया। पूरे मेले में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
मंदिर की एक विशेष परंपरा के अनुसार, प्रत्येक शनिवार की सायंकाल भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शनिवार को ही मंदिर पहुंच जाते हैं, रात्रि विश्राम करते हैं तथा रविवार प्रातः माँ के दर्शन-पूजन के उपरांत कंडे उपलों मे भौरियां बनाकर प्रसाद ग्रहण कर अपने घरों को लौटते हैं।
आषाढ़ माह के प्रथम रविवार को आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत कर दिया। श्रद्धालुओं की अपार आस्था और भक्ति ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

