मुजफ्फरनगर में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सिविल लाइन थाने के एसएसआई, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप

मुजफ्फरनगर में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सिविल लाइन थाने के एसएसआई, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप

मुजफ्फरनगर। जनपद के पुलिस महकमे में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सहारनपुर की एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण) टीम ने थाना सिविल लाइन में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) प्रवीण शर्मा को थाना परिसर के भीतर ही 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाने के मालखाने के पास की गई, जिससे पूरे पुलिस विभाग में सनसनी फैल गई।

बताया गया है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी दरोगा ने टीम की पकड़ से छूटने का प्रयास किया और कथित तौर पर रिश्वत की रकम भी फेंक दी। इस दौरान एंटी करप्शन टीम और आरोपी के बीच हाथापाई और खींचतान की स्थिति बन गई। अचानक हुए घटनाक्रम से थाने में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती क्षणों में थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि कार्रवाई एंटी करप्शन टीम द्वारा की जा रही है, तो उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया।

जानकारी के अनुसार, मामला चरथावल थाना क्षेत्र के गांव कसौली निवासी ओमपाल सिंह आर्य से जुड़ा है। वर्ष 2025 में ग्राम दुधली के प्रधान मुकेश आर्य की शिकायत पर आर्य समाज की संपत्ति, रखरखाव और धनराशि में कथित गड़बड़ी के संबंध में सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मुकदमे में ओमपाल सिंह आर्य भी आरोपी हैं और इसकी विवेचना एसएसआई प्रवीण शर्मा कर रहे थे।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवेचना में राहत देने और मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाने के नाम पर एसएसआई प्रवीण शर्मा एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित ने पहले इस संबंध में सीओ सिटी से भी शिकायत की थी। आरोप है कि इसके बावजूद रिश्वत की मांग जारी रही, जिसके बाद 29 जून को सहारनपुर एंटी करप्शन संगठन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।

शिकायत का सत्यापन होने के बाद एंटी करप्शन टीम के प्रभारी कुशलवीर सिंह के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। शिकायतकर्ता को रासायनिक पाउडर लगे 50 हजार रुपये देकर सिविल लाइन थाने भेजा गया। बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे जैसे ही शिकायतकर्ता ने रकम एसएसआई प्रवीण शर्मा को सौंपी, पहले से घात लगाए बैठी टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाए गए तो रासायनिक परीक्षण में पानी का रंग लाल हो गया, जिसे एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेने के वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में दर्ज किया।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और नगर क्षेत्राधिकारी सिद्धार्थ के. मिश्रा तत्काल सिविल लाइन थाने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। बाद में एंटी करप्शन टीम आरोपी दरोगा को अपने साथ सिखेड़ा थाने ले गई, जहां पूछताछ के साथ दोनों पक्षों के वीडियो बयान दर्ज किए गए।

एंटी करप्शन विभाग के निरीक्षक मुकेंद्र सिंह की तहरीर पर आरोपी एसएसआई प्रवीण शर्मा के खिलाफ सिखेड़ा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बुलंदशहर के सैदपुर पड़ाव निवासी आरोपी को गुरुवार को सहारनपुर स्थित विशेष भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय में पेश किया जाएगा।

एसपी सिटी अमृत जैन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी पुलिस अधिकारी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेजा जाएगा।

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