मुजफ्फरनगर दोना फैक्टरी कांड: फरार मुख्य आरोपी अंकित बालियान हरियाणा से गिरफ्तार, बी वारंट पर लाएगी पुलिस

मुजफ्फरनगर दोना फैक्टरी कांड: फरार मुख्य आरोपी अंकित बालियान हरियाणा से गिरफ्तार, बी वारंट पर लाएगी पुलिस

मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव में संचालित दोना फैक्टरी में बाहरी राज्यों के मजदूरों को बंधक बनाकर अमानवीय यातनाएं देने और एक मजदूर की हत्या के सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी अंकित बालियान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को हरियाणा के पलवल जिले की होडल थाना पुलिस ने अवैध तमंचे के साथ दबोचा है। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही मुजफ्फरनगर पुलिस ने उसे बी वारंट पर लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि अंकित बालियान की तलाश में एसआईटी, एसओजी देहात और स्थानीय पुलिस की पांच टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। इसी दौरान हरियाणा पुलिस ने उसे होडल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने पलवल के एसएसपी से फोन पर वार्ता कर आरोपी को मुजफ्फरनगर लाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह मामला मांडी गांव स्थित एक दोना फैक्टरी का है, जहां पुलिस जांच में सामने आया कि बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करीब 12 मजदूरों को डेढ़ से दो वर्षों तक कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया था। आरोप है कि मजदूरों को रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से अच्छी नौकरी और अधिक वेतन का झांसा देकर फैक्टरी लाया जाता था। वहां पहुंचने के बाद उनके मोबाइल फोन छीन लिए जाते थे और उनसे लंबे समय तक जबरन काम कराया जाता था।

पीड़ित मजदूरों के आरोपों के अनुसार, विरोध करने या वेतन मांगने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी। मजदूरों को डराने के लिए फैक्टरी परिसर में पिटबुल कुत्ता भी छोड़ा जाता था। आरोप है कि नवंबर 2025 में नेपाल निवासी मजदूर टोपी उर्फ अर्जुन ने जब प्रताड़ना का विरोध किया तो उसकी हत्या कर शव को बोरे में बंद कर लावारिस फेंक दिया गया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान निवासी मजदूर विक्रम किसी तरह फैक्टरी से भागकर तितावी थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने फैक्टरी पर छापेमारी कर सभी मजदूरों को मुक्त कराया।

बुधवार को थाने में मुक्त कराए गए श्रमिकों की उनके परिजनों से मुलाकात भावुक कर देने वाली रही। लंबे समय बाद अपनों को सामने देखकर कई परिजनों की आंखें भर आईं। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने चार श्रमिकों को उनके परिवारों के सुपुर्द कर दिया। इनमें बिहार के उज्जवल और संतोष, औरैया के शिवम तथा राजस्थान के विक्रम सिंह शामिल हैं।

पुलिस इस मामले में फैक्टरी मालिक के पिता प्रदीप बालियान, कथित सुपरवाइजर शिवा त्यागी और एजेंट रबित को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब मुख्य आरोपी अंकित बालियान से पूछताछ के बाद पुलिस को उम्मीद है कि फैक्टरी से लापता बताए जा रहे दो अन्य मजदूरों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि आरोपी को जल्द ही बी वारंट पर मुजफ्फरनगर लाकर गहन पूछताछ की जाएगी और मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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