प्रयागराज में फाफामऊ कछार गोलीकांड का खुलासा: हादसा निकला ‘खेल-खेल में फायरिंग’, दो आरोपी गिरफ्तार, तमंचा और कार बरामद

प्रयागराज में फाफामऊ कछार गोलीकांड का खुलासा: हादसा निकला ‘खेल-खेल में फायरिंग’, दो आरोपी गिरफ्तार, तमंचा और कार बरामद

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित फाफामऊ थाने और एसओजी एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने बेला कछार क्षेत्र में नाबालिग लड़की के घायल होने की घटना का सफल अनावरण करते हुए बुधवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार किया । पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक अवैध तमंचा .315 बोर, दो कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है।

पुलिस उपायुक्त गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि 22 जून की शाम बेला कछार के पास एक युवती पर अज्ञात बदमाशों द्वारा हमले की सूचना मिली थी। घायल युवती को अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य बताई गई। युवती की मां की तहरीर पर थाना फाफामऊ में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस, सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ के आधार पर घटना की सच्चाई सामने लाई। पुलिस ने बुधवार देर रात मलाक हरहर रेलवे पुल के पास से मो. अरबाज उर्फ डैनी और सुहेल अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में सामने आया कि पीड़िता और अरबाज एक-दूसरे को करीब एक वर्ष से जानते थे और दोनों के बीच बातचीत होती थी। घटना वाले दिन युवती ने ही अरबाज को फोन कर बुलाया था। बाद में दोनों बेला कछार क्षेत्र में पहुंचे, जहां अरबाज के पास मौजूद तमंचा देखकर युवती ने उसे चलाकर दिखाने का आग्रह किया। पुलिस के अनुसार आरोपित ने पहले हवा में फायर करने का प्रयास किया, लेकिन गोली नहीं चली। इसके बाद दूसरा फायर युवती की ओर हो गया, जिससे गोली उसके पैर में लग गई।

पुलिस ने बताया कि गोली लगने के बाद आरोपित ने युवती पर दबाव बनाकर परिजनों और पुलिस को झूठी कहानी बताने के लिए मजबूर किया। प्रारंभ में घटना को अज्ञात लोगों द्वारा धारदार हथियार से हमला बताया गया था, लेकिन मेडिकल जांच में पैर में गोली लगने की पुष्टि हुई।

साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 352/3(5) बीएनएस तथा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार संख्या यूपी 70 डीक्यू 8726 भी बरामद कर ली है।

पुलिस उपायुक्त गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि युवती और मुख्य आरोपित पूर्व परिचित थे तथा घटना के बाद पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बरामदगी के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप वास्तविक घटनाक्रम सामने आ सका।

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