लखनऊ हादसे के बाद नोएडा-ग्रेनो के कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, हजारों संस्थान बिना पंजीकरण के संचालित

लखनऊ हादसे के बाद नोएडा-ग्रेनो के कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, हजारों संस्थान बिना पंजीकरण के संचालित

नोएडा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के 22 जून काे एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की हुई दर्दनाक माैत ने नोएडा-ग्रेनो में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाया है। जिले में एक हजार से ज्यादा कोचिंग सेंटर संचालित हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर का न तो पंजीकरण है और न ही अग्निशमन सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। केवल 60 कोचिंग सेंटर ने अब तक अपना पंजीकरण कराया है।

2024 में दिल्ली के राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर नोएडा, दादरी और ग्रेटर नोएडा के 25 कोचिंग सेंटर को बंद कराया था। लेकिन, संचालकों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से वे फिर से अपने पुराने ढर्रे पर आ गए है।

पिछले कुछ वर्ष में नोएडा के सेक्टर- 62, 15, 16, 12, 27 आदि कोचिंग हब के रूप में उभरे हैं। दिल्ली से भी कई कोचिंग सेंटर सेक्टर- 62 में शिफ्ट हो गए हैं, जिनमें हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इनमें से कई का संचालन ऐसी गलियों में हो रहा है, जहां दमकल की गाड़ियां नहीं जा सकती हैं, लेकिन विभाग का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।

इस बाबत बात करने पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने आज बताया कि पिछले साल करियर लाॅन्चर को सील किया गया था और आकाश इंस्टीट्यूट व फिट जी के बेसमेंट बंद कराए गए थे। अन एकेडमी को भी चेतावनी दी गई थी। आज से अग्निशमन विभाग कोचिंग सेंटरों की पुनः जांच कर रहा है। इसके लिए कमिटी बनाई गई है। इसमें शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हैं।

वहीं जनपद गौतम बुद्ध नगर के विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि जिले में 60 कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण कराया गया है। जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है, वहां पर दमकल विभाग, पीडब्ल्यूडी और शिक्षा विभाग के अधिकारी मिलकर कार्रवाई करेंगे। जानकारी के अनुसार कोचिंग सेंटर में लापरवाही का आलम यह है कि अधिकतर कोचिंग संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग का एनओसी नहीं है। इंट्री व निकास मार्ग मानकों के अनुरूप नहीं हैं।अग्निशमन यंत्रों की कमी, उपयोग का प्रशिक्षण नहीं है। बेसमेंट में अलग से अग्निशमन व्यवस्था नहीं है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे के अनुसार नियम यह है कि कोचिंग सेंटरों के संचालन के लिए भवन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा से जुड़े कई मानकों का पालन आवश्यक होता है। बहुमंजिला भवनों में संचालित संस्थानों में पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर, कार्यशील होजरील, आपातकालीन निकास, स्पष्ट दिशा संकेतक, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और नियमित फायर ऑडिट होना जरूरी है। इसके अलावा विद्यार्थियों और कर्मचारियों को समय-समय पर मॉकड्रिल और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। अग्निशमन विभाग के अधिकारी का कहना है कि शिक्षा विभाग का सहयोग नहीं मिल पाने से कोचिंग सेंटर पर कार्रवाई नहीं हो पाती है।

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