लखनऊ। राजधानी के वार्ड नंबर-52 कन्हैया माधवपुर प्रथम में बदहाल सफाई व्यवस्था और सीवर की समस्याओं ने स्थानीय लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर, उफनते नाले और सड़कों पर बहता गंदा पानी लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि कुछ परिवार क्षेत्र छोड़ने और अपने मकान बेचने तक को मजबूर हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड में लंबे समय से सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। सड़क किनारे और खाली प्लॉटों में कूड़ा डाला जा रहा है। क्षेत्र में कूड़ाघर की व्यवस्था न होने के कारण समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कूड़े के ढेरों से उठने वाली दुर्गंध और मच्छरों के प्रकोप ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।

बरौरा, एकता नगर, गोविंद पुरम, सेंवई मिल रोड, वंशी विहार और समनान गार्डन जैसे इलाकों में नाले और नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं। बरसात के मौसम में हालात और गंभीर हो जाते हैं। कई स्थानों पर सीवर ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी एडवोकेट राजन का आरोप है कि हुसैनबाड़ी स्थित तालाब में नगर निगम द्वारा कूड़ा डालकर उसे पाटने का काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि तालाब जल संरक्षण का महत्वपूर्ण स्रोत है और इसे खत्म करना पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।
बरौरा निवासी मोहम्मद नौशाद ने बताया कि घरों के बाहर सीवर का गंदा पानी जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि बच्चे डेंगू और डायरिया जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
एकता नगर निवासी विजय कुमार ने नाली, सड़क और सीवर व्यवस्था को क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याएं बताया। वहीं कन्हैया माधवपुर वार्ड से वर्ष 2023 में उपविजेता रहे मोहम्मद सलीम का कहना है कि क्षेत्र में समस्याओं की लंबी सूची है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य सड़कों पर सफाई दिखाई देती है, लेकिन गलियों की स्थिति बेहद खराब है। कई जगह लोग गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं।
स्थानीय सपा पार्षद राम नरेश चौरसिया ने बताया कि क्षेत्र में सीवर, सड़क और नालियों की समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम नगर और बरौरा सहित कई इलाकों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। इस संबंध में नगर निगम अधिकारियों के समक्ष कई बार मामला उठाया गया है, लेकिन अब तक अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।
पार्षद ने यह भी बताया कि पूरे वार्ड के लिए नजदीकी कूड़ाघर लगभग पांच किलोमीटर दूर है, जिससे कचरा निस्तारण की समस्या और बढ़ जाती है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की कमी और बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया।
क्षेत्रीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित विभागों से तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, सीवर समस्या का समाधान कराने तथा कूड़ा निस्तारण के लिए स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी संकट और गहरा सकता है।

