मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में मासूम पर आवारा कुत्तों का हमला, गंभीर लापरवाही पर सवाल

मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में मासूम पर आवारा कुत्तों का हमला, गंभीर लापरवाही पर सवाल

मुजफ्फरनगर। जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने पूरे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची पर परिसर में घूम रहे आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया, जिससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।

जानकारी के अनुसार, सहारनपुर जनपद के कुतुबशेर क्षेत्र के खाताखेड़ी गांव निवासी इंतजार की तीन वर्षीय पुत्री मीरब पिछले कुछ दिनों से बीमार थी और उसे जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया था। रविवार शाम बच्ची की मां उसे गोद में लेकर वार्ड के बाहर गैलरी में बैठी थी, इसी दौरान परिसर में घूम रहे आवारा कुत्तों ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्तों के झुंड ने बच्ची को घेर लिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह पत्थर और डंडों की मदद से कुत्तों को भगाकर बच्ची को बचाया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलते ही शेरपुर गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चा वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

परिजनों का आरोप है कि घटना के समय न तो सुरक्षा गार्ड मौजूद थे और न ही वार्ड स्टाफ ने कोई तत्परता दिखाई। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं की लगातार मौजूदगी के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।

स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मरीजों की सुरक्षा के लिए बने अस्पताल में ही इस तरह की घटनाएं होना बेहद गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।

वहीं जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है, जबकि इस घटना ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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