सीएम योगी ने 45 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी, नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

सीएम योगी ने 45 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी, नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग से गौतमबुद्धनगर जिला के नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यीडा क्षेत्र में संयुक्त रूप से जेवर एयरपोर्ट तक संचालित होने वाली उप्र राज्य सड़क परिवन निगम (यूपीएसआरटीसी) की 45 इलेकट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनपद गौतमबुद्धनगर के लिए आज अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। एक साथ इस जनपद में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के तत्वावधान में उप्र राज्य परिवहन निगम द्वारा 45 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रारम्भ हो रहा है। सबसे पहले गोतमबुद्धनगर जनपदवासियों को वहां के जनप्रतिनिधियों को बधाई देता हूं।

हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी पूरे देश को ग्रीन मोबेलिटी और सस्टेनेबल डेवेलपमेंट के बारे में एक विजन दिया। प्रधानमंत्री का यह विजन उन वैश्विक चुनौतियों का समाना करने के लिए जो जाने अनजाने में भौतिक विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दुनिया ने स्वयं प्रदान किए हैं। या स्वयं का वर्चस्व स्थापित करने के लिए दुनिया पर युद्ध थोपे हैं। आज उसकी कीमत पूरी मानवता चुका रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, इन सबके साथ-साथ पश्चिम ऐसिया में चल रहे गतिरोध हम सबके सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इसके चलते वायु प्रदूषण की भीषण समस्या, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, ओलावृष्टि का सामना पूरी दुनिया का करना पड़ रहा है। इसीलिए इन सब बातों को ध्यान में रखकर के प्रधानमंत्री मोदी के विजन को जमीनी धरातल पर उतारने के लिए जब 15 जून से भारत का सबसे बड़े एयरपोर्ट के संचालन का कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है, तो नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के सुचारु वायुसेवा की दृष्टि से आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नेट जीरो का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए तीनो अथॉरिटी ने मिलकर यह प्रयास किया है।

इस सेवा को शुभारम्भ करने के लिए तीनो अथॉरिटी के साथ परिवहन निगम को हृदय से धन्यवाद देता हूं। मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री की ओर मुखातिब होकर कहा कि सभी गांवों को अच्छी परिवहन व्यवस्था के लिए कदम उठाएं। उसी गांव के युवा को प्रेरित करें। परमिट की व्यवस्था करें ताकि वह खुद अपनी बस निकाले और चलाए। इससे उसे रोजगार तो मिलेगा ही साथ में परिवहन की अच्छी व्यवस्था मिलेगी। हां इसके लिए मेहनत करनी होगी।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि पहले 15 जिलाें में ही इलेक्ट्रिक बसाें का संचालन किया जाता था। आज 45 जिलाें में यह सुविधा प्रदान की जा रही है।आने वाले दिनाें में हम प्रदेश के सभी जिलाें में इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इलेक्ट्रिक बसाें का संचालन काफी सस्ता हाेता है। उन्हाेंने बताया कि डीजल बसाें पर प्रति माह छह लाख रुपये खर्च आता है। इलेक्ट्रिक बसाें पर केवल 50 हजार रुपये प्रति माह खर्च आता है। इस अवसर पर उनके साथ प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, औद्याेगिक विकास मंत्री नंद गाेपाल गुप्ता नंदी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थाी के साथ ही अन्य नेता व शासन के अधिकारी मौजूद रहे।

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