मुजफ्फरनगर में खाद कालाबाजारी सिंडिकेट का भंडाफोड़, उत्तराखंड बॉर्डर पर 250 बैग जब्त, गोदाम सील

मुजफ्फरनगर में खाद कालाबाजारी सिंडिकेट का भंडाफोड़, उत्तराखंड बॉर्डर पर 250 बैग जब्त, गोदाम सील

मुजफ्फरनगर। जिले में किसानों के नाम पर चल रहे खाद के अवैध कारोबार पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कालाबाजारी के एक संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। उत्तराखंड बॉर्डर के पास मोरना क्षेत्र में छापेमारी कर कृषि विभाग की टीम ने 250 बैग यारा कंपनी की यूरिया खाद बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अवैध कारोबारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई है।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन फार्मर्स फ्रेंड्स” के तहत यह कार्रवाई की गई। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन को जानकारी मिली थी कि जिले में यूरिया की कृत्रिम किल्लत पैदा कर कुछ लोग इसे ऊंचे दामों पर बाहर के राज्यों में सप्लाई कर रहे हैं। इसी इनपुट पर जिला कृषि विभाग और एसओजी की संयुक्त टीम ने रविवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

सूत्रों के अनुसार, भोकरहेड़ी क्षेत्र के रोहन और सौरभ नामक व्यक्तियों द्वारा पिछले करीब दो महीनों से एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए खाद की कालाबाजारी की जा रही थी। सीतापुरी गांव में उत्तराखंड बॉर्डर के करीब स्थित एक गोदाम को इसके लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां यूरिया के कट्टों का अवैध भंडारण किया जाता था। यहां से ट्रॉलियों के माध्यम से खाद को उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों में भेजा जाता था।

छापेमारी के दौरान कृषि विभाग की टीम ने जब गोदाम की तलाशी ली तो वहां यूरिया के सैकड़ों बैग अवैध रूप से जमा पाए गए। मौके पर मौजूद व्यक्ति सोमपाल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह गोदाम रोहन द्वारा किराए पर लिया गया था और यहीं से पूरा अवैध कारोबार संचालित हो रहा था। बताया जा रहा है कि प्रत्येक ट्रॉली में 40 से 50 बैग खाद किसानों के नाम पर फर्जी एंट्री कर भेजे जाते थे, जिससे सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर असली सप्लाई छिपाई जाती थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एसओजी टीम को भी बुलाया गया और स्थानीय पुलिस ने घेराबंदी कर गोदाम को सील कर दिया। बरामद 250 बैग यूरिया को कृषि विभाग की निगरानी में सुरक्षित कर लिया गया है। इसके साथ ही पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है कि यह खाद कहां से लाई गई थी और किन माध्यमों से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।

प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि उत्तराखंड में इस अवैध खेप को कौन रिसीव करता था और इस पूरे सिंडिकेट में कितने लोग शामिल हैं। शुरुआती जांच में कई और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं रोहन और सौरभ की गिरफ्तारी के लिए दबिशें तेज कर दी गई हैं।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के किसानों में संतोष का माहौल है। किसानों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से खाद की किल्लत और कालाबाजारी से वे परेशान थे। वहीं दूसरी ओर अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में दहशत फैल गई है और कई गोदाम संचालक अपने स्टॉक को छिपाने में जुट गए हैं।

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि “ऑपरेशन फार्मर्स फ्रेंड्स” आगे भी जारी रहेगा और खाद, बीज तथा उर्वरक के हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे सभी तत्वों पर गैंगस्टर एक्ट सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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