खान सर-रौशन आनंद विवाद पर बोले पप्पू यादव, किसी को अपराधी की तरह न देखा जाए

खान सर-रौशन आनंद विवाद पर बोले पप्पू यादव, किसी को अपराधी की तरह न देखा जाए

पटना। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ दो व्यक्तियों या दो संस्थानों का झगड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे पूरे सिस्टम की खामियां भी जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि देश की हर बड़ी संस्था में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो अच्छे काम करने वालों की छवि खराब करने में लगे रहते हैं। उनके मुताबिक, यह कोई नई बात नहीं है। ऐसे उदाहरण दिल्ली से लेकर कोटा तक देखे जा सकते हैं।

 

पप्पू यादव ने साफ कहा कि प्रतिस्पर्धा होना गलत नहीं है। दोनों ही शिक्षक अपने-अपने स्तर पर काम कर रहे हैं और दोनों का अपना सम्मान है। उन्होंने कहा कि एक तरफ ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी पहचान ग्लोबल लेवल पर है और दूसरी तरफ ऐसे लोग हैं, जिन्होंने बिहार, यूपी और झारखंड जैसे राज्यों में शिक्षा को बेहतर बनाने में योगदान दिया है। इसलिए किसी भी तरह से दोनों के ज्ञान या योग्यता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उनका कहना है कि खान सर और रौशन आनंद, दोनों के ही खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, क्योंकि दोनों में से किसी ने भी फायरिंग नहीं की। दोनों को क्रिमिनल की तरह ट्रीट नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समस्या तब बढ़ती है जब कुछ लोग इस तरह के विवादों का मजाक बनाकर सोशल मीडिया और मीडिया में इसे बढ़ावा देते हैं।

 

उनके मुताबिक, इस तरह की घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना गलत है और इससे शिक्षा व्यवस्था की छवि खराब होती है। पप्पू यादव ने आगे कहा कि कोचिंग और प्राइवेट एजुकेशन सेक्टर में कई तरह की अनियमितताएं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह बिना सही अनुमति के कोचिंग सेंटर और प्राइवेट संस्थान चल रहे हैं। उनके अनुसार यह स्थिति केवल कोचिंग सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में भी इसी तरह की समस्याएं हैं। उन्होंने बिहार के कई जिलों में कई प्राइवेट नर्सिंग होम नियमों के अनुसार नहीं चल रहे हैं। कई जगह आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं जरूरत से ज्यादा दिखाकर मरीजों से पैसे वसूले जाते हैं।

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में मेडिकल सिस्टम में भ्रष्टाचार भी देखने को मिलता है। पप्पू यादव ने कहा कि यह पूरा सिस्टम ही खामियों से भरा हुआ है और इसमें प्रशासन, विभागीय अधिकारियों और कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार बिना सही जांच के संस्थानों को लाइसेंस मिल जाते हैं और बाद में वही संस्थान नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पूरे सेक्टर की गहराई से जांच होनी चाहिए। बिहार में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसी अनियमितताओं पर रोक लग सके।

 

पप्पू यादव ने यह भी कहा कि सरकार को छोटे-मोटे विवादों में उलझने के बजाय बड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास जैसे असली मुद्दों पर काम होना चाहिए, न कि सिर्फ कोचिंग विवादों पर। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद कई मामलों में कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं और अगर आगे भी जरूरत पड़ी तो कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उनके अनुसार समस्या का समाधान राजनीति या बयानबाजी से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से ही होगा।

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