BJP के बड़े नेता और बिहार के पूर्व मंत्री सुभाष सिंह का दिल्ली में निधन, तेजस्वी यादव ने दी श्रद्धांजलि

बिहार में आज महागठबंधन सरकार की पहली कैबिनेट का विस्तार होना है। कैबिनेट विस्तार से पहले बिहार के एक पूर्व मंत्री का निधन हो गया। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। बिहार में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता और पूर्व मंत्री रहे सुभाष सिंह ने दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।

सुभाष सिंह के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार आज उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से गोपालगंज लाया जाएगा, जहां उन्हें उनके चाहने वालों के बीच अंतिम विदाई दी जाएगी। मालूम हो कि सुभाष सिंह बिहार में सहकारिता मंत्री थे। किडनी में इन्‍फेक्‍शन के चलते दिल्ली एम्स में अपना इलाज करा रहे थे। गोपालगंज सदर सीट से सुभाष सिंह ने लगातार चार बार व‍िधानसभा का चुनाव जीता था।

सुभाष सिंह के निधन पर बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। तेजस्वी यादव ने लिखा कि गोपालगंज सदर से पूर्व मंत्री सह भाजपा विधायक श्री सुभाष सिंह जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर से प्रार्थना है उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे। ॐ शांति ॐ।

दिवंगत विधायक के रिश्तेदार पिंटू कुमार ने बताया कि बीते दिनों इलाज के बाद सब कुछ नॉर्मल था, बाद में थोड़ी तबियत खराब हुई। जिसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। आज सुबह उनका निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्व मंत्री के समर्थकों ने उनकी मौत पर गहरा शोक जताया है।

सुभाष सिंह बिहार की पूर्व एनडीए सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री थे। पद संभालने के कुछ महीनों बाद उनका स्‍वास्‍थ्‍य खराब होने लगा। तब उन्‍हें एम्‍स में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद सेहत में सुधार होते ही वो फिर से वापस बिहार आ गए थे। लेकिन किडनी ट्रांसप्‍लांट के बाद इन्‍फेक्‍शन हो गया जिसके बाद से उनकी सेहत लगातार गिरती गई।

मंत्री के परिजनों ने बताया कि आज देर शाम तक उनका शव दिल्ली से गोपालगंज लाया जा सकता है। गोपालगंज स्थित पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुभाष सिंह प्रखर और मृदु स्वभाव के व्यक्ति थे। इसी कारण क्षेत्र की जनता उन्हें लगाता विजयी बना रही थी। कुछ दिनों पहले जब नीतीश ने बीजेपी से नाता तोड़ राजद का हाथ थामा तो मंत्री पद से हट गए थे।

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