मेरठ महाविद्यालय में 10 दिवसीय ऑनलाइन सॉफ्टवेयर स्किल प्रोग्राम के तीसरे दिन भी कार्यक्रम रहा जारी

मेरठ महाविद्यालय में 10 दिवसीय ऑनलाइन सॉफ्टवेयर स्किल प्रोग्राम के तीसरे दिन भी कार्यक्रम रहा जारी

मेरठ (मो सुहैल) शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय मेरठ में 10 दिवसीय ऑनलाइन सॉफ्टवेयर स्किल प्रोग्राम के तीसरे दिन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ नितिन कुमार सहायक निर्देशक आईसीएसएसआर ,दिल्ली रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ सूचना एवं रोजगार प्रकोष्ठ प्रभारी डॉक्टर भारतीय दीक्षित ने मुख्य अतिथि का औपचारिक स्वागत भाषण से किया। मुख्य अतिथि डॉ नितिन कुमार ने छात्राओं को कैरियर चयन एवं उसमें सफलता के लिए व्यवहारी कौशलों के साथ-साथ भावात्मक बुद्धिमता विकास के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की जिसमें उन्होंने बताया कि संवेगात्मक बुद्धि स्वयं की एवं दूसरों की भावनाओं अथवा सवेगो को समझने व्यक्त करने और नियंत्रित करने की योग्यता है । भारत में बुद्धिमत्ता आप को मजबूत रिश्ते बनाने शिक्षा और व्यवसाय में सफल होने अपने कैरियर और व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है जिसके विकास के लिए आत्म जागरूकता के अंतर्गत भावनात्मक आत्म जागरूकता ,स्वयं मूल्यांकन ,आत्मविश्वास का विकास करना होगा, जबकि आत्म प्रबंधन के अंतर्गत आत्म नियंत्रण पारर्शिता ,अनुकूलशीलता परिस्थितियों के प्रति ,उपलब्धि केंद्रित और आत्मपहल की योग्यताओं का विकास भी करना होगा। इसके अतिरिक्त सामाजिक समझ के अंतर्गत सहानुभूति, संगठनात्मक जागरूकता, व्यवसाय परिणाम केंद्रित और रिश्तो का प्रबंधन का भी विकास छात्राओं को व्यवसाय पूर्व करना होगा। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर अंजू सिंह महाविद्यालय प्राचार्य ने कहां की इस प्रकार के कार्यक्रम से छात्राएं अवश्य लाभान्वित हो सकेंगी।भावनात्मक बुद्धिमत्ता का दायरा बहुत बड़ा है। लेकिन इसका प्रभाव जीवन के हर पहलू पर पड़ता है। कुछ भावनाएं हमारे जीने के लिए बहुत जरूरी हैं, जैसे खतरे का डर जो आपातकाल स्थिति में हमारे शरीर को प्रतिक्रिया के लिए तैयार करता है। इसके विपरीत चिंता और अवसाद जैसी भावनाएं हमारे जीवन और स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हैं। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि दोनों तरह की भावनाओं में सतुंलन बनाया जाए।
भावनात्मक बुद्धि के महत्व को देखते हुए हमें इसको विकसित करने की कोशिश करते रहना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ भारतीय दीक्षित ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ अमर ज्योति ने किया। कार्यक्रम में डॉ एस पी एस राणा, डॉ आर सी सिंह, डॉ उषा साहनी , डॉ भावना सिंह, डॉ राजीव कुमार डॉ आशीष पाठक ,डॉ विकास कुमार एवं डॉ डेजी वर्मा रही।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *