एस.डी.कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत हुई निबन्ध प्रतियोगिता

मुजफ्फरनगर( काशिफ जमाल)।एस. डी.कॉलेज ऑफ कॉमर्स, मुजफ्फरनगर के मानविकी विभाग द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत एक “निबन्ध प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया जिसका विषय ‘भारत की स्वतंत्रता में महिलाओं की भूमिका’ रहा। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्र/छात्राओं ने निबन्ध के माध्यम से अपने विचार रखकर विभिन्न पुरूस्कार प्राप्त किये। प्रतियोगिता का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य डा० सचिन गोयल, मानविकी संकाय की विभागध्यक्षा श्रीमति एकता मित्तल, डा0 सौरभ जैन, डा0 रवि अग्रवाल, श्रीमति मानसी अरोरा, विरेन्द्र कुमार द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

निबन्ध प्रतियोगिता में तान्या शर्मा, कुलसुम, रितिका, शिवानी, ईशा, ईलमा, मरियम, नाजमा, तान्या, राधिका, श्रेय, सिद्धार्थ जैन, ईशान त्यागी, अलीना, हिना मिर्जा, कशिश, स्वाति, पालीवाल एवं सलोनी आदि ने प्रतिभाग किया।

निर्णायक की भूमिका में डा0 सौरभ जैन, श्रीमति एकता मित्तल, मानसी अरोरा रहे व प्रतियोगिता एवं कार्यक्रम का संचालन सोनम चौहान ने किया।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कसक बी०एस०सी० (PCM), द्वितीय स्थान तान्या (बी0ए0) एवं तृतीय स्थान स्वाति पालीवाल बी0एस0सी0 (PCM) ने प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त सांत्वना पुरूस्कार कुलसुम बी०एस०सी०(गृहविज्ञान), नमरा (बी०ए०), ईशा (बी0ए0) की सौम्या को दिया गया।

तत्पश्चात विभागाध्यक्षा श्रीमति एकता मित्तल ने इस निबन्ध प्रतियोगिता में बताते हुए कहा कि बहुत आवश्यक है कि छात्र/छात्राओं को उन वीरांगणों के बारे में बताना जिन्होनें देश की आजादी में अपना सर्वत्र न्यौछावर कर दिया। क्योंकि देश की आजादी की बात करते हुए महिलाओं के योगदान को उतना महत्व नही दिया जाता हैं। जबकि उनका योगदान भी हमारे देश की स्वतंत्रता में पुरूषों जितना ही है।

सर्वप्रथम प्राचार्य डा0 सचिन गोयल ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस वर्ष हम स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। जो हमारे व हमारे देश के लिए गर्व का विषय है इस स्वतंत्रता को प्राप्त करने में अनगिनत वीरों व विरांगणाओं ने अपने प्राणों की आहूति दी हैं। इस निबंध प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्र/छात्राओं को अपने देश की आजादी में वीर व महान महिलाओं के योगदान के प्रति जागरूक करना हैं।

कार्यक्रम व प्रतियोगिता को सफल बनाने हेतु महाविद्यालय के सभी शिक्षकगणों व छात्र/छात्राओं का सहयोग रहा।

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