शामली में किसानों का धरना जारी, कंपनी के कर्मचारियों को खेतों में न घुसने देने का ऐलान

शामली। बुटराड़ा में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना नौवें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। 24 अगस्त की महापंचायत को सफल बनाने के लिए 11 सदस्यीय टीम गठित की गई।
धरनारत किसानों को संबोधित करते हुए बिजेंद्र सिंह बाबरी ने कहा कि किसानों की भूमि का अधिग्रहण वर्ष 2022 में किया जा रहा है। जबकि मुआवजा वर्ष 2013 वर्ष के आधार पर घोषित सर्किल रेट के आधार पर दिया जा रहा है। पिछले नौ वर्षों में इसे नहीं बढ़ाया गया है। किसानों को जमीन के लिए मिल रहा मुआवजा मवी कलां से कम कीमत पर कतई मंजूर नहीं है। किसान मांगे पूरी होने तक निर्माण कंपनी के किसी भी कर्मचारियों खेतों में घुसने देंगे। 24 तारीख की महापंचायत की तैयारी को लेकर संघर्ष समिति ने 11 सदस्यीय टीम गठित की जो व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करेगी।

वहीं, महापंचायत को सफल बनाने के लिए साथ ही किसानों ने एक बार फिर दोहराया कि जब तक एक प्रोजेक्ट एक मुआवजे के हिसाब से नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा। मुआवजे की समस्या हल होने के बाद ही बाकी मुद्दों पर बात होगी। तब तक कोई भी निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता देवी सिंह लांक ने की तथा संचालन किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक ने किया। इस दौरान धरना स्थल पर समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह, बाबू बिजेंद्र सिंह बाबरी, हाजी तुफैल, योगेश मलिक अधिवक्ता मुजफ्फरनगर, प्रमोद कुमार, वीरपाल सिंह लांक, संजीव लांक, इंद्रपाल, भोपाल सिंह, सतेंद्र सिंह, संदीप बंतीखेड़ा आदि मौजूद रहे।

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