कागजों में अधूरा था गंगा पुल, फिर भी दौड़ रहे थे वाहन, टल गया ये बड़ा हादसा

बिजनौर के चांदपुर को हस्तिनापुर से जोड़ने वाले जिस गंगा पुल की एप्रोच रोड शनिवार को धंस गई वह लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड में 13 वर्ष से निर्माणाधीन है। लालफीताशाही का आलम ये है कि राज्य सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग ने इस महत्वपूर्ण पुल का लोकार्पण नहीं कराया। पुल पर बीते एक वर्ष से अधिक समय से वाहन चल रहे हैं। शनिवार को जिस वक्त सड़क धंसी उससे 10 मिनट पहले ही रोडवेज की बस पुल से गुजरी थी।

भीमकुंड गंगा पुल की एप्रोच रोड धंसने के बाद निरीक्षण के लिए पहुंचे पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राजीव कुमार ने दावा किया कि भीमकुंड गंगा पुल से हस्तिनापुर की ओर की 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माणाधीन है। चांदपुर की तरफ करीब पांच किलोमीटर सड़क भी अधूरी है। राज्य सेतु निगम के चीफ इंजीनियर संजीव कुमार ने कहा कि इस गंगा सेतु का विभाग की ओर से लोकार्पण नहीं हुआ है। दोनों ही विभागों ने यहां पर वाहन को चलाने की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद भी वाहनों की आवाजाही चलती रही।

करीब एक महीने से इस पुल पर उत्तर प्रदेश परिवहन की बस भी धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं। ट्रैक्टर एवं अन्य भारी वाहन एक साल से भी ज्यादा समय से पुल से गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, शनिवार दोपहर एप्रोच रोड गंगा में धंसने से करीब 10 मिनट पहले चांदपुर के लिए यहां से यात्रियों से भरी रोडवेज बस गुजरी थी। ऐसे में यहां बड़ा हादसा हो सकता था। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर ने कहा कि बिना अनुमति पुल से वाहन कैसे गुजर रहे थे, इसकी जांच कराई जाएगी।

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