‘एक धर्म पर बुलडोजर, दूसरे पर फूलों की बारिश क्यों?’ ओवैसी के सवाल का डिप्टी CM केशव ने दिया जवाब

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा से एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी खफा हो गए हैं. कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों पर फूलों की वर्षा से नाराज असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर हमला बोला और कहा कि एक धर्म पर बुलडोजर और दूसरे पर फूलों की बारिश क्यों? कांवड़ यात्रा पर फूल बरसाने को लेकर ओवैसी के बयान पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का जवाब आया है. केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट कहा कि हमने कांवड़ियों की सेवा की है और आगे भी करते रहेंगे.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसादम मौर्य ने कहा, ‘हमने हमेशा कांवड़ियों की सेवा की है और आगे भी करते रहेंगे. इस तरह के ट्वीट का सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. एआईएमआईएम प्रमुख को अपना रास्ता सुधारना चाहिए. वह वोट बैंक के लिए समाज को बांटने की कोशिश करते हैं.’

उन्होंने आगे कहा कि जो सवाल पूछा जाना चाहिए कि वह यह है कि जब कल्याणकारी योजनाओं की बात आती है तो क्या हिंदू और मुस्लिम दोनों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है? हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ में विश्वास करती है. भाजपा हमेशा सुनिश्चित करती है कि सरकारी योजनाओं से गरीबों को लाभ मिले.

दरअसल, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में कावंड़ियों पर पुष्प वर्षा करने को लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि यही गर्मजोशी मुस्लिमों के प्रति नहीं दिखाई जाती, उनके घरों पर बुलडोजर चलाए जाते हैं. संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ने कहा कि सभी समुदायों के साथ एक समान व्यवहार किया जाना चाहिए.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि भाजपा नीत उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी धन का इस्तेमाल कर कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर रही है. हम चाहते हैं कि वे सभी के साथ एक समान व्यवहार करें. वे हमपर (मुसलमानों पर) पुष्प वर्षा नहीं करते, बल्कि वे हमारे घरों पर बुलडोजर चलाते हैं. ओवैसी ने कहा कि अगर आप एक समुदाय से प्रेम करते हैं, तो आप दूसरे से नफरत नहीं कर सकते…अगर आप की आस्था है, तो अन्य की भी आस्था है.

वहीं, इससे पहले एआईएमआईएम अध्यक्ष ओवैसी ने मंगलवार को कांवड़ यात्रा संबंधी कई खबरों को ट्विटर पर साझा करते हुए कहा था कि अगर मुस्लिम भले कुछ मिनट के लिए ही खुले में नमाज अता करें, तो विवाद हो जाता है. मुस्लिम पुलिस की गोली, हिरासत में झड़प, रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून), यूएपीए, भीड़ हिंसा और बुलडोजर का सामना केवल मुस्लिम होने के नाते कर रहे हैं.

गौरतलब है कि इस महीने के शुरुआत में अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में कावंडियों पर पुष्प वर्षा की थी. भगवान शिव के भक्त कांवड़िये कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा से जल ले कर अपने अपने इलाकों में जाते हैं और शिव मंदिरों में अर्पित करते हैं.

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