बीटेक स्टूडेंट की मौत पर बड़ा खुलासा- 2 गर्लफ्रेंड और 12 लड़कों को घेरा

भोपाल। बीटेक स्टूडेंट निशांक की मौत के कारण को सामने लाने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है, पुलिस ने इस मामले में स्टूडेंट की 2 गर्लफ्रेंड और 12 लड़कों से दिनभर पूछताछ की, पुलिस को इस मामले कुछ अहम बातें पता चली है, जिससे मौत का कारण भी समझ में आने लगा है। आईये जानते हैं पुलिस को इस केस में क्या-क्या सुराग मिले हैं।

बीटेक छात्र निशांक राठौर की मौत मामले में रायसेन एएसपी के नेतृत्व में बनी एसआइटी ने जांच के पहले ही दिन बड़ा खुलासा किया है। मृतक निशांक राठौर ने चाइनीज सर्वर पर चलने वाली 18 से ज्यादा इंस्टेंट लोन एप्लीकेशन से कर्ज लिया था। मृतक निशांक ने कई एप्लीकेशन पर कर्ज वापस कर दिया था, लेकिन इन इंस्टेंट एप्लीकेशन सर्वर को अपडेट करने वाले तथाकथित साइबर धोखेबाज निशांक को ब्लैकमेल कर रहे थे। साइबर फॉरेंसिक जांच में निशांक राठौर के सोशल मीडिया अकाउंट ऑनलाइन बैंकिंग एप्लीकेशन एवं इंटरनेट डाटा के आधार पर यह बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इंस्टेंट लोन देने वाले ऑपरेटरों ने फोन एवं उसमें मौजूद गर्लफ्रेंड के फोटो एवं निजी जीवन की जानकारियां सहित फोन बुक के सभी नंबर चोरी कर लिए थे। इसके आधार पर उसे ब्लैकमेल किया जा रहा था। रायसेन पुलिस ने बुधवार को इस मामले में भोपाल एवं नर्मदापुरम में रहने वाले निशांक के 12 दोस्त, 2 गर्लफ्रेंड एवं फैमिली के सभी मेंबर से दिनभर पूछताछ की। उल्लेखनीय है कि निशांक के शव की गुत्थी सुलझाने के लिए बुधवार को रायसेन पुलिस ने एसआइटी गठित कर दी है। एएसपी अमृत मीणा के नेतृत्व में गठित एसआइटी में औबेदुल्लागंज एसडीओपी मलकीत सिंह, मंडीदीप टीआई मनोज सिंह, सतलापुर टीआइ विजय त्रिपाठी तथा औबेदुल्लागंज टीआइ संदीप चौरसिया को शामिल किया गया है।

मेरा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता, निवेश की जानकारी मुझे थी, लेकिन यह कोई वजह नहीं। मृतक निशांक के पिता उमाशंकर राठौर ने स्पष्ट कहा है कि उन्हें अपने बेटे द्वारा किया गया हर इन्वेस्टमेंट पता था और इसका पूरा हिसाब-किताब उनका बेटा उनके साथ शेयर करता था। पिता ने दावा किया है कि इन्वेस्टमेंट में हुए नुकसान के चलते आत्महत्या की बात करना गलत है। जिन लोगों ने उनके बेटे को कर्ज दिया था उनके बारे में बेटे ने विस्तार से कुछ ज्यादा नहीं बताया था, लेकिन परिवार को यह पता था कि इन्वेस्टमेंट में पैसे लगाए गए हैं। मृतक निशांक राठौर के पिता उमाशंकर ने एसआइटी से हत्या के एंगल पर सबूत खोजने एवं बेटे के मोबाइल फोन की लोकेशन एवं अन्य तथ्यों की साइबर एक्सपर्ट से जांच कराने की मांग की है।

निशांक राठौर के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच में यह बात सामने आई है कि उसने रविवार को अंतिम बार शाम 6.00 बजे अपने पिता को फोन किया था। इससे पहले 5.44 पर निशांक के मोबाइल के व्हाट्सएप अकाउंट से पिता के व्हाट्सएप अकाउंट पर मैसेज टाइप कर भेजे गए थे जिसमें नबी का जिक्र था। पुलिस ने निशांक के पिता से पूछा कि उन्होंने यह फोन क्यों नहीं उठाया था। पिता ने जवाब दिया कि वह दूसरे फोन पर व्यस्त थे इसलिए उन्होंने यह फोन रिसीव नहीं किया था, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्होंने फोन लगाया तो दूसरी तरफ से फोन नहीं उठाया गया। पुलिस ने बताया कि 6.13 पर निशांक की ट्रेन से कटने की खबर रेलवे स्टेशन मास्टर को मिल चुकी थी।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *