मुजफ्फरनगर: स्वामी कल्याण देव की 18वीं पुण्यतिथि पर केशव प्रसाद मौर्य देंगे श्रद्धांजलि, पूरी हुई तैयारियां

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर की पौराणिक तीर्थ स्थल के नाम से विख्यात सुकतीर्थ में आज उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का आगमन होगा। उप मुख्यमंत्री सुकतीर्थ में आयोजित शिक्षा ऋषि के नाम से विख्यात स्वामी कल्याण देव जी महाराज की 18वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दरअसल वीतराग स्वामी कल्याण देव जी की पुण्यतिथि उनके द्वारा स्थापित भागवत पीठ श्री सुखदेव आश्रम में मनाई जाती है, जिसमें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य उस महान विभूति को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। धार्मिक नगरी सुकतीर्थ का उद्धार करने वाले युगपुरुष और शिक्षा ऋषि के नाम से विख्यात वीतराग स्वामी कल्याण देव महाराज की पुण्यतिथि पर उनके अनुयाई श्रद्धालु शिक्षक और विद्यार्थियों के साथ-साथ भागवत भक्त संत का भावपूर्ण स्मरण करेंगे।

श्री सुकदेव आश्रम के मैदान में बनाए गए हेलीपैड पर उप मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरेगा उप मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के चलते जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। थाना भोपा क्षेत्र मैं आने वाली इस तीर्थ नगरी में सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य हेलीकॉप्टर द्वारा लखनऊ से मुजफ्फरनगर के सुखदेव आश्रम में बने हेलीपैड पर पहुंचेंगे। जहां से वे सीधे सुकदेव आश्रम में वीतराग स्वामी कल्याण देव महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। जिसके बाद व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करेंगे। इस दौरान उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष विजय शुक्ला और उत्तर प्रदेश सरकार में व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के अलावा भाजपा विधायक और पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। जिसके बाद जनपद के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास, ग्रामीण अभियंत्रण, खाद्य प्रसंस्करण, मनोरंजन कर, सार्वजनिक उद्यम एवं राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। इसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

गौरतलब है कि अपने जीवन काल में पद्म भूषण, पद्म श्री से सम्मानित वीतराग स्वामी कल्याण देव हर किसी के कल्याण के लिए कल्याणकारी काम करते रहे। गरीब, अमीर, किसान, मजदूर, व्यापारी, उद्योगपति, राजनेता और अधिकारी सहित हर कोई स्वामी कल्याण देव की कार्यशैली से प्रभावित होकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्रदान करता रहा है। रामलीला के मंचन से प्रभावित होकर प्रयाग के त्रिवेणी संगम में सुकतीर्थ के जीर्णोद्धार का संकल्प लेने वाले स्वामी कल्याण देव को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्वामी विवेकानंद आदि के साथ देश की आजादी के लिए काम करने के भी अवसर मिले। अनेकों अस्पताल, गोशालाएं, शिक्षा संस्थान, शुगर मिल, प्रार्थना स्थल, आश्रम गंगा घाट क्षेत्र आदि की स्थापना करने वाले संत कल्याण देव महाराज किसी भी खुद के द्वारा द्वारा संचालित संस्थान का अन्न ग्रहण नहीं करते थे। ग्रामीण क्षेत्र का विकास पिछड़ों को आगे बढ़ाना साधन संपन्न लोगों के सहयोग से धर्मशाला का निर्माण भोजन व्यवस्था आदि को प्राथमिकता देने वाले स्वामी कल्याण देव को आज भी लोग याद करते हैं।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *