यूपी के मदरसों के लिए योगी सरकार का एक नया नियम, अब उम्र के हिसाब से ही मिलेगा दाखिला

यूपी के मदरसों के लिए योगी सरकार का एक नया नियम, अब उम्र के हिसाब से ही मिलेगा दाखिला

यूपी में मदरसों को योगी सरकार लगातार अपडेट कर रही है। नए मदरसों को अनुदान बंद कर दिया गया। मदरसों में राष्ट्रवाद की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर दिया गया है। अब मदरसों एक और नया सुधार किया जा रहा है। योगी आदित्‍यनाथ सरकार यूपी के मदरसों में पढ़ने के लिए अब आयु सीमा निर्धारित करेगी। प्रदेश के सभी मान्‍यता प्राप्‍त और अनुदानित मदरसों में आयु सीमा के मानक लागू होंगे। अब छात्रों को दाखिला इन्‍हीं मानकों के आधार पर दिया जाएगा। आयु सीमा पाठ्यक्रम के हिसाब से तय होगी।

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहाकि, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रमों को किसी भाषा विश्वविद्यालय से मान्यता दिलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसी तरह मदरसा शिक्षा परिषद की मिनी आईटी अब तभी खोली जाएंगी जब उन्हें मान्यता मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि इन्फास्ट्रक्चर डेवलेपमेन्ट इन माइनाइरिटी योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित 24 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं में आधारभूत संरचना का विकास 5.42 करोड़ रुपए की राशि से किया गया है। इसके तहत शिक्षण कक्ष, छात्रावास, शौचालय इत्यादि का निर्माण कराया गया। इन कार्यों में लाभान्वित शिक्षण संस्थाओं के छात्र/छात्राओं को शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं प्राप्त हुई है।

मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के दृष्टिगत ई-लर्निंग ऐप विकसित किया गया है। इस ऐप में मदरसा पाठ्यक्रम के अनुरूप दीनियात व एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पाठ्य सामग्री, ऑडियो/वीडियो तथा सामान्य ज्ञान से जुड़ी अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।

उत्तर प्रदेश में नए मदरसों को अब कोई अनुदान नहीं मिलेगा। उत्तर प्रदेश में इस वक्त कुल 16461 मदरसे हैं। जिनमें से 558 को सरकार से अनुदान मिलता है।

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