मुजफ्फरनगर में पूर्व विधायक सहित पांच भाजपा नेताओं के गैर जमानती वारंट जारी, मंत्री कपिल देव की…
सरकारी कार्य में बाधा डालने के प्रकरण की सुनवाई विशेष अदालत एमपी/एमएलए सिविल जज सीनियर डिविजन के न्यायाधीश मयंक जायसवाल ने की। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिवक्ता शिवराज त्यागी के माध्यम से अपनी पत्रावली अलग करने का प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। भाजपा नेता श्रीमोहन तायल कोर्ट में पेश हुए।
मुजफ्फरनगर। छह साल पहले शहर के नई मंडी क्षेत्र में सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल की पत्रावली अलग हो गई है। अदालत में हाजिर नहीं होने पर पूर्व विधायक अशोक कंसल सहित पांच भाजपा नेताओं के गैर जमानत वारंट जारी किए गए। सुनवाई के लिए पांच जुलाई की तिथि तय की गई है।

सरकारी कार्य में बाधा डालने के प्रकरण की सुनवाई विशेष अदालत एमपी/एमएलए सिविल जज सीनियर डिविजन के न्यायाधीश मयंक जायसवाल ने की। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिवक्ता शिवराज त्यागी के माध्यम से अपनी पत्रावली अलग करने का प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। भाजपा नेता श्रीमोहन तायल कोर्ट में पेश हुए।

वहीं सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पर भाजपा के पूर्व विधायक अशोक कंसल, भाजपा नेता नितिन मलिक, भाजयुमो जिलाध्यक्ष नीतिश मालिक सहित पांच आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

