किसान सम्मान निधि को लेकर केन्द्र सरकार की नियत पर टिकैत ब्रिगेड राष्ट्रीय महासचिव उपेन्द्र चौधरी ने उठाए सवाल

किसान सम्मान निधि को लेकर केन्द्र सरकार की नियत पर टिकैत ब्रिगेड राष्ट्रीय महासचिव उपेन्द्र चौधरी ने उठाए सवाल

शामली। टिकैत ब्रिगेड के राष्ट्रीय महासचिव व कुंडू खास उत्तर प्रदेश के चौधरी/बाबा उपेंद्र चौधरी ने केंद्र सरकार द्वारा जारी किसान सम्मान निधि प्राप्ति हेतु किसानों के लिए दिशा निर्देश को केंद्र सरकार की नियत में खोट बताते हुए सवाल उठाए। अभी 3 दिन पहले डीडी प्रसार अधिकारी शामली द्वारा समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के माध्यम से किसानों से आग्रह किया गया कि 31 मार्च 2022 तक वह सभी किसान जो किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहे हैं उन्हें अपने अभिलेखों का सत्यापन करा ले इस बार किसान सम्मान निधि उन्हीं किसानों के खाते में आएगी जो अपने अभिलेखों का सत्यापन दोबारा रजिस्ट्रेशन करा कर करा चुके होंगे आपको बता दें कि यहां विभागीय साइट हैंग हो रही है या यूं कहिए कि सत्यापन एक रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहे हैं इस नए नए आधार कार्ड भी एक प्रमुख रोड़ा बने हुए हैं दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने में क्योंकि जब आधार कार्ड बने थे अधिकतर किसानों को यही नहीं पता कि इस मोबाइल नंबर पर बने हैं उसी मोबाइल नंबर पर जाएगा जिस नंबर से आधार कार्ड जारी है ओटीपी ना आने की स्थिति में किसान आधार कार्ड में मोबाइल नंबर चेंज कराने के लिए हमारे ऊपर से इतना कम समय दिया गया है जो कि एक सोची-समझी योजना के तहत किया गया सरकार है कि कम से कम किसानों को किसान सम्मान निधि दी जाए और किसान सम्मान निधि मदीने करनी पड़े और कम से कम किसानों को इसका लाभ मिले आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस समय किसानों के पास कितना काम है कितने किसान समाचार पत्र पढ़ते होंगे यही हालात केवल शामली के नहीं पूरी यूपी के बल्कि पूरे भारत के रहेंगे कितने किसान समाचार पढ़ते हैं और कितने अपना सत्यापन करा पाएंगे इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस बार कितने किसान किसान सम्मान निधि देने में कामयाब हो और सरकार अपनी मंशा के अनुसार बिना किसान सम्मान निधि बंद किए ने किसानों की सम्मान निधि बंद कर पाएंगे यह सब उनकी मंशा पर सवाल उठाने के लिए काफी है इस आदेश में एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकार में प्रदेश सरकार की कथनी और करनी में कितना बड़ा होता है यह लोग दिखाई ऊपर विश्वास करते हैं काम नहीं हमेशा झूठ पर आगे बढ़कर कामयाबी पाना संभव नहीं होता या यूं कहिए कि झूठ ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है।

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