टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने पायलटों की सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें फिर से पांच साल के लिए काम पर रखने की पेशकश की है। एयरलाइन ने परिचालन में स्थिरता लाने के इरादे से यह पहल की है। आंतरिक स्तर पर जारी ई-मेल से यह जानकारी मिली। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है कि जब कंपनी 300 विमानों के अधिग्रहण को लेकर बातचीत कर रही है। एयर इंडिया इन पायलटों को कमांडर के रूप में फिर से नियुक्त करने पर विचार कर रही है।

कंपनी ने चालक दल के सदस्यों सहित अपने कर्मचारियों के लिए एक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (voluntary retirement scheme) भी शुरू की है और साथ ही नए युवाओं की भर्ती भी कर रही है।

एयर इंडिया के उप-महाप्रबंधक (कार्मिक) विकास गुप्ता ने एक आंतरिक मेल में कहा कि हमें यह सूचित करते हुए खुशी हो रही है कि एयर इंडिया में कमांडर के रूप में 5 साल की अवधि के लिए या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, सेवानिवृत्ति के बाद आपको अनुबंध पर भर्ती करने के बारे में विचार किया जा रहा है। ईमेल के अनुसार, इच्छुक पायलटों को 23 जून तक लिखित सहमति के साथ अपना विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में एयर इंडिया के प्रवक्ता को भेजे गए सवाल का कोई जवाब नहीं मिला।
