आखिर 27 घंटे की मशक्कत के बाद उद्धव ठाकरे ने मान ली ‘हार’, पुत्र आदित्य ने ट्विटर प्रोफाइल से हटाया ‘मंत्री’ पद

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सरकारी आवास वर्षा में आज शाम पांच बजे शिव सेना के विधायकों और सांसदों की बैठक बुलायी गयी है। वहीं अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सीएम वाली कुर्सी छीन सकती है, क्योंकि करीब 27 घंटे बाद भी शिवसेना एकनाथ शिंदे को मनाने में असफल हो रही है। इसके चलते अब नए घटनाक्रम सामने आने लगे हैं।

PunjabKesari

खबर सामने आई कि सीएम उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे ने अपना ट्विटर प्रोफाइल अपडेट किया है, जिसमें से खुद के मंत्री होने की बात हटा ली है। आदित्य ठाकरे के इस कदम के मायने क्या हैं, क्योंकि शिवसेना के विधायक और मंत्री एकनाथ शिंदे बागी हो गए हैं। वह 40 विधायकों के साथ असम के गुवाहाटी में हैं। वहीं इन खबरों का खंडन करते हुए शिवसेना से राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि उन्होंने अपने ट्विटर बायो पर कभी भी मंत्री का दर्जा नहीं लिखा।

संजय राउत ने विधानसभा भंग करने के संकेत दिए
शिवसेना सांसद संजय राउत ने बुधवार को संकेत कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से राज्य विधानसभा को भंग करने की सिफारिश कर सकते हैं, क्योंकि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के लिए संकट बेहद गहरा गया है। राउत ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम राज्य विधानसभा को भंग करने की ओर ले जा रहे हैं।” इससे पहले, शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र के 40 विधायक उनके साथ असम के गुवाहाटी आए हैं और वे सभी, पार्टी के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की ‘हिंदुत्व’ विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शिवसेना के विधायकों ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी है, जिसके कारण महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार संकट में आ गयी है। शिंदे के नेतृत्व में बुधवार को सुबह असम के गुवाहाटी पहुंचे महाराष्ट्र के बागी विधायकों के एक समूह को कड़ी सुरक्षा के बीच शहर के बाहरी इलाके में एक लग्ज़री होटल में ले जाया गया है। गौरतलब है कि 288 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के 55, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 53 और कांग्रेस के 44 विधायक हैं। सरकार बनाने के लिए 144 विधायकों का समर्थन जरूरी है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *