
बागपत। जंग-ए-आजादी 1857 ई. मे अहम योगदान देने वाले महाक्रांति ग्राम बसौद में क्रांति दिवस पर युवा चेतना मंच के तत्वावधान में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्य अतिथि पिलाना ब्लॉक की खंड विकास अधिकारी श्रीमती सोनिका चौधरी के साथ ए.डी.ओ भूपेन्द्र सिंह, मां अंबा बालिका डिग्री कॉलेज ग्वालीखेड़ा के प्राचार्य डा. राजीव गुप्ता, वीडीओ मोनू यादव, एआरपी शिक्षा विभाग विचित्रा वीर, प्रधानाध्यापिका सुनिता मलिक, गौतम कुमार ने गांव में स्थित तालाब पर जाकर शहीदों को श्रृद्धांजलि दी। मंच संस्थापक मास्टर सत्तार अहमद ने सभी अतिथियों को तिरंगा पटका पहना कर स्वागत किया। इस अवसर पर इतिहास की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अट्ठारह सौ सत्तावन में बाबा शाहमल के नेतृत्व में बसोद गांव के लोगों ने अंग्रेजों से लोहा लिया था। बाबा शाहमल ने गाँव की जामा मस्जिद को अपना कार्यालय बनाया था। जहां से गोला बारूद व रसद का सामान क्रांतिकारियों को पहुंचाया जाता था। इसकी भनक अंग्रेजों को लग गई थी। जिन्होंने 17 जुलाई को बसोद पर आक्रमण बोल दिया था और इसी दिन लगभग 10 घंटे जामा मस्जिद के अंदर अंग्रेजों से ग्रामीणों का सीधा मुकाबला हुआ था जिसमें लगभग 180 लोग शहीद हो गए थे। उनका कहना है कि इस दिन गाँव मे इतना खून बहा था कि तालाब के पानी का रंग भी लाल हो गया था जिसके कारण इस तालाब को खूनी तालाब के नाम से जाना जाता है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहली बार प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी गांव में श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचा है जिसके लिए उन्होंने सोनिका चौधरी सहित सभी अतिथियों का शुक्रिया अदा किया। मुख्य अतिथि श्रीमती सोनिका चौधरी ने कहा कि बसौद के बहादुर ग्रामीणों की शहादत को भुलाया नही जा सकता है। यहां की मिट्टी को नमन करने मैं भी आई हूँ। उन्होंने कहा कि गांव के क्रांति द्वार का मरम्मत व पेंटिंग का कार्य जल्द कराया जाएगा तथा पिलाना ब्लॉक में शहीदों की याद शिलापट भी लगवाया जाएगा।
जिसको याद करके आने वाली पीढियां प्रेरणा लेगी।
मां अंबा बालिका डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डा राजीव गुप्ता ने कहा कि शहीदों की शहादत के कारण आज हम खुली हवा में सांस ले रहे युवाओं को उनकी शहादत से प्रेरणा लेकर देशभक्ति भाईचारा और प्रेम का सबक लेना चाहिए। इस अवसर पर मास्टर अश्विनी कुमार, मास्टर सुखपाल, अध्यापिका डोली, मास्टर देवेन्द्र कुमार, मास्टर विकास , खलील, इदरीश प्रधान, गुलजार, युनुस ,वसीम आदि मौजूद रहे।
विश्व बंधु शास्त्री




