खेल स्टेडियम में सैर करने के लिए देने पड़ेंगे प्रतिमाह एक हजार रुपए
प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों प्रदेश के विभिन्न जिलों स्थित खेल स्टेडियमों में खिलाडिय़ों व अन्य लोगों जो सैर सपाटे के लिए आते हैं उनसे प्रवेश शुल्क वसूलने के आदेश जारी किए थे।

गुडग़ांव। प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों प्रदेश के विभिन्न जिलों स्थित खेल स्टेडियमों में खिलाडिय़ों व अन्य लोगों जो सैर सपाटे के लिए आते हैं उनसे प्रवेश शुल्क वसूलने के आदेश जारी किए थे। खिलाडिय़ों व अन्य लोगों ने इस पर नाराजगी भी जताई थी। अब प्रदेश सरकार ने स्टेडियमों में खेलों के अभ्यास के लिए आने वाले खिलाडिय़ों को इस प्रवेश शुल्क से मुक्त कर दिया है। यानि कि अब खेल मैदान में आने वाले खिलाडिय़ों से किसी प्रकार का शुल्क वसूला नहीं जाएगा। लेकिन आम नागरिकों को स्टेडियम व खेल के मैदानों में प्रति माह एक हजार रुपए का शुल्क देना होगा। खेल निदेशालय के इस आदेश का आम लोगों ने विरोध करना भी शुरु कर दिया है। प्रदेश सरकार के आदेश से जहां खिलाड़ी खुश हैं, वहीं आम आदमी जो स्टेडियम व खेल मैदानों में प्रात: व सायं सैर करने के लिए जाते हैं। उन्होंने प्रवेश शुल्क का विरोध करना शुरु कर दिया है। इन लोगों का कहना है कि शहर की अधिकांश सडक़ें व पार्कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। ऐसे में सैर करने के लिए स्टेडियम व खेल के मैदान ही बचे हैं। जहां प्रात: व सायं सैर करने के लिए जाया जा सकता है। उनका कहना है कि एक ओर तो सरकार फिट इंडिया का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर स्टेडियम व खेल के मैदानों में प्रवेश के लिए शुल्क लगाया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है। उनका कहना है कि गरीब व मध्यम वर्ग के लोग ही खेल के मैदानों में सैर के लिए आते हैं। स्वस्थ रहने के लिए सुबह-सायं व्यायाम जरुरी है। शहर की जर्जर हुई सडक़ों पर सैर नहीं की जा सकती। ऐसे में उनके पास स्टेडियम व खेल के मैदानों में सैर करने का ही विकल्प बचता है। आम लोगों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि सरकार अपने आदेश को पुनर्विचार कर वापिस ले ताकि आम लोग भी स्टेडियम में सैर कर स्वस्थ रह सकें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया को साकार कर सकें।




