हबीव तनवीर ने 50 वर्ष की अपनी लंबी रंग यात्रा में 100 से अधिक नाटकों का किया मंचन : राज चौहान
बहुत से लोग अपनी भूमिका अच्छे से निभा पाते हैं और उनका नाम इतिहास में दर्ज हो जाता है। रंगमंच के ऐसे ही एक फनकार थे प्रसिद्ध नाटककार, निर्देशक, कवि और अदाकार हबीब तनवीर। 8 जून 2009 को हबीव तनवीर दुनिया के रंगमंच से विदा हो गए थे।
गुडग़ांव। दुनिया एक रंगमंच है और यहां पर हर कोई अपनी
भूमिका निभाने आया है। बहुत से लोग अपनी भूमिका अच्छे से निभा पाते हैं
और उनका नाम इतिहास में दर्ज हो जाता है। रंगमंच के ऐसे ही एक फनकार थे
प्रसिद्ध नाटककार, निर्देशक, कवि और अदाकार हबीब तनवीर। 8 जून 2009 को
हबीव तनवीर दुनिया के रंगमंच से विदा हो गए थे। उक्त उद्गार गुडग़ांव
निवासी बालीवुड अभिनेता राज चौहान ने हबीव तनवीर की पुण्यतिथि पर उन्हें
याद करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि तनवीर के मशहूर नाटकों में
आगरा बाजार और चरणदास चोर शामिल हैं। उन्होंने 50 वर्ष की अपनी लंबी रंग
यात्रा में 100 से अधिक नाटकों का मंचन किया। जिनमें शतरंज के मोहरे,
लाला शोहरत राय, मिट्टी की गाड़ी, गांव का नाम ससुराल मोर नाम दामाद,
पोंगा पंडित, द ब्रोकन ब्रिज, जहरीली हवा और राज रक्त शामिल हैं। लंबी
बीमारी के बाद वर्ष 2009 की 8 जून को भोपाल में 85 वर्ष की आयु में उनका
निधन हो गया था। उनकी कला की बारीकियों को कलाकार ध्यान से समझें, यही
उनके प्रति श्रद्धांजली होगी।




