ओवेसी ने यहां संवाददाताओं से चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने सवालों के जवाब में कहा कि निश्चित तौर पर उदयपुर की घटना आतंक की घटना है। कन्हैयालाल नाम के व्यक्ति का कत्ल करने का वीडियो बनाकर वायरल किया गया। यह आतंक नहीं तो क्या है। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘पीलू खान’ और ‘अखलाक’ की ‘हत्या’ भी आतंक की घटनाएं थीं।
मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी प्रचार के सिलसिले में यहां आए श्री ओवेसी ने कहा कि उन्हें समाचार माध्यमों से पता लगा है कि दरजी कन्हैयालाल को लगातार धमकियां मिल रही थीं। यदि राजस्थान पुलिस चौकस रहती और हरकत करती, तो इस घटना को टाला जा सकता था। उन्होंने तेलंगाना पुलिस का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा को धमकियों के मामले में वहां की पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और धमकी देने वालों को गिरफ्तार किया गया। यदि एेसा राजस्थान में भी होता तो शायद घटना को रोका जा सकता था। साथ ही उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि राजस्थान सरकार आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
ओवेसी ने कहा कि उदयपुर में दो जालिमों ने कन्हैयालाल का कत्ल किया और वीडियो बनाया। इस घटना की उन्होंने कल भी तत्काल भर्त्सना की थी और वे आज भी इसकी भर्त्सना करते हुए आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त सजा की मांग करते हैं।
ओवेसी ने दिल्ली पुलिस द्वारा पत्रकार मोहम्मद जुबेर की गिरफ्तारी का भी फिर विरोध किया और कहा कि पूरे देश में कोई भी कार्रवाई कानून और संविधान के दायरे में रहकर सभी के प्रति एकसमान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक नुपुर शर्मा को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। निलंबन कोई सजा नहीं है। नुपुर की भी गिरफ्तारी होकर कानून के तहत उन्हें सजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में कानून का राज होना चाहिए।
ओवेसी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन से लगी भारत की सीमा के मामले में चुप हैं। जबकि चीन की भारत की सीमा पर गतिविधियां हमारे देशहित में नहीं हैं। ओवेसी ने कहा कि वे इस संबंध में लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार चीन के मुद्दे पर पूरी तरह चुप है।
चर्चित नेता ओवेसी ने देश में लगातार बढ़ रही कट्टरता के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि यह सभी समाजों में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि किसी को भी विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह संविधान के दायरे में रहकर होना चाहिए।
ओवेसी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी राज्य में वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी अपने प्रत्याशी उतारेगी। इसके पहले ओवेसी ने कल रात यहां अशोका गार्डन क्षेत्र में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने इसी तरह की मांगें कल भी जनसभा में उठायीं। सांसद ओवेसी ने भोपाल के अलावा जबलपुर में भी एक दिन पहले जनसभा की थी। ओवेसी की पार्टी राज्य में पहली बार नगरीय निकाय चुनाव में उतरी है। इसके प्रत्याशी मुख्य रूप से जबलपुर, भोपाल, खंडवा, बुरहानपुर और कुछ अन्य जिलों में चुनावी मैदान में हैं।