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UP में भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने पर CM Yogi का एक्श

पेपर लीक होने से रोकने और धांधली खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नई नीति जारी कर दी गई है।

उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामलों को लेकर योगी सरकार सख्त है। पेपर लीक होने से रोकने और धांधली खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नई नीति जारी कर दी गई है। इस नीति के मुताबिक परीक्षा कराने के लिए चार-चार एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। परीक्षार्थियों को अपने गृह मंडल से बाहर परीक्षा देने जाना होगा। परीक्षा केंद्र बस स्टैंड रेलवे स्टेशन व कोषागार से 10 किलोमीटर के अंदर होगा। इसके साथ ही केंद्र को 3 साल परीक्षा करने का अनुभव होना चाहिए और शहर की आबादी के अंदर होना चाहिए। वहां जाने के लिए सड़क के साथ यातायात साधन की व्यवस्था हो।

नई नीति के मुताबिक, परीक्षा केंद्र के भवन में बाउंड्री वॉल पेयजल शौचालय के साथ ही बिजली व जनरेटर की व्यवस्था होनी चाहिए। सीसीटीवी भी चालू हालत में होना चाहिए। डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाकर परीक्षा केंद्रों का चयन होगा। श्रेणी A में राजकीय इंटर कॉलेज राजकीय डिग्री कॉलेज, केंद्र के विश्वविद्यालय पॉलिटेक्निक इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज को रखा गया है। B में इसी श्रेणी के ख्याति प्राप्त सुविधा संपन्न एडेड स्कूलों को कॉलेज को केंद्र बनाया जाएगा। काली सूची में शामिल स्कूल व कॉलेजों को केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

प्रिंटिंग प्रेस चयन में पूरी तरह से गोपनीयता बरती जाएगी। प्रेस में आने-जाने वालों की जांच होगी। सभी के पास आईडी कार्ड होना अनिवार्य होगा। प्रेस में स्मार्टफोन और कैमरा ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। प्रेस के चारों और सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा उसकी रिकॉर्डिंग 1 साल सुरक्षित रखी जाएगी। परीक्षाओं के दौरान स्कैन हस्ताक्षर और फोटो का मिलान परीक्षा केंद्र पर किया जाएगा। परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र पर ही आधार कार्ड व बायोमेट्रिक से मिलान किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया जाएगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों का आवंटन गृह मंडल से अलग किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों का आवंटन रेंडम आधार पर होगा।

नीति के अनुसार, एजेंसियों का चयन अति गोपनीय तरीके से किया जाएगा। हर परीक्षा के लिए दो या इससे अधिक सेटों में प्रश्न पत्र तैयार किया जाएगा। प्रत्येक सेट का पेपर अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से तैयार करते हुए अलग-अलग छुपाया भी जाएगा। परीक्षा से 5 घंटे पहले यह तय किया जाएगा कि किस सेट का पेपर परीक्षा में इस्तेमाल किया जाएगा। कक्ष निरीक्षकों के परीक्षा कक्ष का आवंटन परीक्षार्थियों के केंद्र पर प्रवेश से 30 मिनट पहले किया जाएगा।

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