पुड्डुचेरी। थानथाई पेरियार द्रविड़ कषगम (टीपीडीके) के 123 कार्यकर्ताओं को रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंकने का प्रयास करने आरोप में गिरफ्तार किया गया।

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री आज की पुड्डुचेरी यात्रा के विरोध में मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने खुद को विपक्ष द्वारा आयोजित काले झंडे आंदोलन से दूर रखा है।

द्रमुक ने पहले घोषणा की थी कि वह कथित रूप से हिंदी लागू करने , पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि और नीट की शुरूआत के विरोध में श्री शाह को काले झंडे दिखाएंगे। इसके तहत पार्टी अध्यक्ष वीरमोहन के नेतृत्व में स्वयंसेवक पेरियार प्रतिमा जंक्शन पर एकत्र हुए और हाथों में काले झंडे लिए हुए “अमित शाह वापस जाओ” के नारे लगाए। फिर कार्यकर्ताओं ने श्री शाह का पुतला निकाला और उसे जलाने का प्रयास किया। पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ और सड़क यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ।
विवाद के चलते पुलिस ने पांच महिलाओं समेत 123 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
विपक्षी वामपंथी दलों और वीसीके ने घोषणा की थी की वे कथित रूप से हिंदी लागू करने के लिए श्री शाह की यात्रा और अन्य बातों के अलावा हिंदी को अंग्रेजी की वैक्लपिक भाषा बनाने के प्रयासों के खिलाफ एक काला झंडा आंदोलन करेंगे। जबकि, अन्य दलों ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव ए एम सलीम ने कहा कि द्रमुक पार्टी आलाकमान से संपर्क करने के बाद अपने फैसले की घोषणा करेगी।
द्रमुक की ओर से हालांकि, कोई घोषणा नहीं की गई और पार्टी ने अन्य सभी विपक्षी दलों के शामिल होने पर खुद को आंदोलन से दूर रखा।



