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PoK में बगावत शुरू, पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख मुनीर ने प्रदर्शनकारियों पर चलवाई गोलियां, अबतक 14 की मौत; 100 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर हालात बेकाबू हैं। PoK में बीते कुछ दिनों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जो अब हिंसक रूप ले चुके हैं। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पाकिस्तानी सेना ने गोलियां भी चलाईं। सेना की फायरिंग में 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, तीन पुलिसकर्मी भी मारे गए। इस दौरान 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है।

ये प्रदर्शन जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहे हैं, जो सरकार से अपनी 38 मांगों को पूरा करने की अपील कर रहे हैं। देखते ही देखते इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। विरोध प्रदर्शन मुजफ्फराबाद, मीरपुर और कोटली समेत कई जिलों में फैल चुके हैं।

पाकिस्तानी सरकार ने स्थिति पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त पुलिस और रेंजर्स तैनात किए हैं। साथ ही साथ वहां इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं भी निलंबित कर दी गई है।

72 घंटों से PoK पूरी तरह ठप

JAAC के प्रोटेस्ट से पूरा PoK की एक तरह से ठप हो गया। 72 घंटों से यहां बाजार से लेकर दुकानें, ट्रांसपोर्ट और सरकारी दफ्तर सबकुछ पूरी तरह से बंद पड़े हैं। लोगों का गुस्सा सीधे पाकिस्तानी सेना की ज्यादतियों पर फूट पड़ा है। PoK से कई तस्वीरें और वीडियोज सामने आए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं।

सेना ने प्रदर्शनकारियों पर चलाई गोलियां

रिपोर्ट्स के मुताबिक बेकाबू प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने गोलियां और आंसू गैस के गोले भी दागे। हिंसक प्रदर्शन में 14 लोगों की मौत की खबर है। मुजफ्फराबाद में पांच प्रदर्शनकारियों को गोली मारी गई। वहीं, धीरकोट में भी पांच और डैडयाल में दो प्रदर्शनकारी की मौत हुई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए। घायलों में ज्यादातर लोगों को गोली के घाव लगे हैं।

आवामी एक्शन कमेटी (PoJK) के शीर्ष नेता शौकत नवाज मीर ने कहा कि यह सरकार राक्षस बन गई है और अपने ही बच्चों को खा जाने वाले राक्षसों की तरह अब अपने ही लोगों को मार रही है। वे मीडिया बंद करके, सेना तैनात करके और हम पर गोलियां चलाकर हमें चुप कराना चाहते हैं। हमारी आवाजें दबाई जा रही हैं, तो आप असल में किस स्थिति में हैं?

हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच शहबाज सरकार बातचीत का रास्ता तलाश रही है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की सरकार के मुख्य सचिव ने एक नोटिस जारी कर JAAC नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है। हालांकि विरोध प्रदर्शन बंद ना करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

क्या है प्रदर्शनकारियों की मांगें? 

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में बिजली दरों में कटौती, गेहूं के आटे पर सब्सिडी, सरकारी अधिकारियों की विशेष सुविधाओं को समाप्त करना, PoJK के लोगों के लिए मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, PoJK में आरक्षित सीटों (पाकिस्तान में बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए 12 विधायी सीटें) को खत्म करने की मांग भी की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज होगा।

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